शास्त्रीय भाषाओं के महत्व पर अन्नदा कॉलेज में संगोष्ठी

प्राचार्य डॉ नीलमणि मुखर्जी ने संवाद के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की

हज़ारीबाग. अन्नदा कॉलेज में मंगलवार को संगोष्ठी का आयोजन किया गया. शास्त्रीय भाषाओं के महत्व विषय पर आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ नीलमणि मुखर्जी ने की. उन्होंने संवाद के माध्यम से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की. सबसे पहले उन्होंने शास्त्रीय भाषा के सैद्धांतिक पक्ष पर चर्चा की और इसके बाद इसके तकनीकी तथा वैधानिक पक्ष पर अपने विचार प्रकट किये. साथ ही उन्होंने विभिन्न भाषाएं सीखने की प्रासंगिकता पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि कॉलेज में अगले माह से बांग्ला सीखने के लिए डिस्टेंस लर्निंग कोर्स प्रारंभ होने जा रहा है, जिसका लाभ सभी विद्यार्थी समेत शिक्षक भी ले सकते हैं. इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ बंशीधर रुखैयार ने समकालीन वैश्विक परिप्रेक्ष्य में विभिन्न भाषाओं के सामाजिक, राजनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला. इनके अलावा संस्कृत विभाग के डॉ उपेंद्र मिश्र, बांग्ला विभाग के राजर्षि राय , हिंदी विभाग के डॉ ठाकुर प्रसाद ने भी अपने वक्तव्य रखे. हिंदी विभाग की डॉ रत्ना चटर्जी ने स्वागत भाषण दिया. कई विद्यार्थियो ने भी अपने विचार रखे, जिनमें तनिष्का सोनल राय, लोकेश कुमार, श्रीकांत मेहता, मानसी पाठक शामिल हैं. धन्यवाद ज्ञापन हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष अजय प्रसाद वर्मा ने किया. कार्यक्रम में सभी विभाग के विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थित थे.

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By Sanjay

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