बरकट्ठा (हजारीबाग). बरकट्ठा स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के केंद्र पतालसुर धाम पर सड़क निर्माण के मलबे से मंडरा रहा खतरा अब टल गया है. जीटी रोड के किनारे बरकट्ठा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास स्थित इस धाम और इसकी शुद्ध जलधारा पर सड़क निर्माण एजेंसी की लापरवाही से संकट पैदा हो गया था. निर्माण कार्य में लगी एजेंसी ने पतालसुर नदी में भारी मात्रा में पत्थर, बोल्डर और आरसीसी मलबा गिराकर छोड़ दिया था. इससे पानी की प्राकृतिक निकासी अवरुद्ध हो गयी थी और धाम के अस्तित्व के साथ श्रद्धालुओं की आस्था पर भी खतरा मंडरा रहा था.
मुखिया और आंदोलनकारी ने उठायी आवाज
मामले को लेकर बेलकप्पी की मुखिया ललिता देवी और झारखंड आंदोलनकारी धीरेंद्र पांडेय ने लगातार आवाज उठायी. मुखिया ललिता देवी ने कुछ दिन पूर्व अपने प्रयास से धाम परिसर का सौंदर्यीकरण कराया था. उन्होंने मलबे के कारण उत्पन्न जलजमाव को लेकर एनएचएआइ और निर्माण एजेंसी से कार्रवाई की मांग की थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचएआइ ने संज्ञान लिया और गुरुवार को मौके पर जेसीबी भेजकर नदी में जमा पत्थर, बोल्डर और आरसीसी मलबा हटवा दिया.
जल निकासी हुई सुचारू, लोगों ने ली राहत की सांस
मलबा हटाये जाने के बाद नदी में पानी की निकासी सुचारू हो गयी है. इससे पतालसुर धाम और उसकी जलधारा पर मंडरा रहा खतरा टल गया है. स्थानीय लोगों ने कार्रवाई पर राहत जतायी. बरकट्ठा और आसपास के क्षेत्र के लोगों की पतालसुर धाम से गहरी आस्था जुड़ी हुई है और यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.
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