पुणे के ISIS मॉड्यूल और टेरर फंडिंग की जांच के लिए NIA की टीम हजारीबाग में, ATS के साथ मिलकर की छापामारी

NIA-ATS Raid In Hazaribagh: पुणे के ISIS मॉड्यूल और टेरर फंडिंग की जांच के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी NIA ने एटीएस के साथ मिलकर हजारीबाग में छापामारी की. आईएसआईएस के संदिग्ध आतंकवादी शाहनवाज आलम के घर पहुंची टीम ने कई घंटों तक घर की एक बुजुर्ग महिला से पूछताछ की. कुछ दस्तावेज भी एनआईए के हाथ लगे हैं.

NIA-ATS Raid In Hazaribagh| हजारीबाग, शंकर प्रसाद : पुणे के आईएसआईएस मॉड्यूल की जांच के लिए एनआईए की टीम ने हजारीबाग में दबिश दी. गुरुवार को एनआईए की टीम ने एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के साथ मिलकर छापामारी की. गुरुवार को एनआईए और एटीएस की संयुक्त टीम हजारीबाग के पेलावल थाना क्षेत्र के पगमिल स्थित एक घर में पहुंची. घर के सदस्यों से देर तक पूछताछ की. घर की एक बुजुर्ग महिला से एनआईए-एटीएस की टीम ने पूछताछ की. घर में रखे दस्तावेजों को खंगाला.

सुबह-सुबह पेलावल पहुंची एनआईए की टीम

एनआईए की टीम 3 गाड़ी से अहले सुबह हजारीबाग के पेलावल पहुंची. इस दौरान सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गयी थी. कथित तौर पर संदिग्ध आतंकी शाहनवाज सफी उज्जमा आलम से जुड़े मामले की जांच करने टीम यहां आयी थी. शाहनवाज को वर्ष 2023 में गिरफ्तार किया गया था. एनआईए को कुछ इनपुट्स मिले थे, जिसकी तफ्तीश करने के लिए टीम यहां आयी थी.

2023 में दिल्ली पुलिस ने किया था शाहनवाज को गिरफ्तार

शाहनवाज आलम को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्टूबर 2023 में दिल्ली से गिरफ्तार किया था. उसकी गिरफ्तारी पुणे के ISIS मॉड्यूल मामले में हुई थी. वह मूल रूप से झारखंड के हजारीबाग जिले का रहने वाला है. इससे पहले वर्ष 2019 में हजारीबाग में डकैती और चोरी के कई मामलों में उसकी गिरफ्तारी हुई थी. वह 8-9 तक महीने जेल में रहा था.

एनआईए ने शाहनवाज पर रखा था 3 लाख का इनाम

कोर्ट ने दिसंबर 2020 में उसे जमानत दे दी थी. कथित तौर पर इसके बाद वह आईएसआईएस हैंडलर के संपर्क में आया. पुणे पुलिस की हिरासत से भागने के बाद एनआईए ने उस पर 3 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था. एनआईए की पूछताछ में पता चला कि शाहनवाज सफी उज्जमा आईएसआईएस का कुख्यात आतंकी था. उसने पुणे के जंगल में प्रशिक्षण भी लिया था.

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NIA-ATS Raid In Hazaribagh: गोपनीय तरीके से हुई पूछताछ

एनआईए की टीम ने शाहनवाज के परिजनों से बेहद गोपनीय तरीके से पूछताछ की. इस मामले में कोई भी अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है. एनआईए के अधिकारी एक प्रिंटिंग मशीन भी लेकर घर के अंदर दाखिल हुए. अंदाजा लगाया जा रहा है कि कुछ दस्तावेज या फोटो प्रिंट करने के लिए प्रिंटर ले जाया गया था.

रांची से बना था शाहनवाज का पासपोर्ट

संदिग्ध आतंकवादी शाहनवाज का पासपोर्ट रांची से 31 अक्टूबर 2016 को बना था. इस पासपोर्ट की वैधता 30 अक्टूबर 2026 तक है. पासपोर्ट में शाहनवाज सफी उज्जमा आलम की जन्म तिथि 5 मार्च 1993 अंकित है.

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By Mithilesh Jha

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