हजारीबाग. हजारीबाग में नाबार्ड के तत्वावधान में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के लिए एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गयी. इसका उद्देश्य एफपीओ के बीच समन्वय स्थापित करना और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को समझना था. कार्यशाला में नाबार्ड की डीडीएम ऋचा भारती ने कहा कि एफपीओ छोटे और सीमांत किसानों को बाजार से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं. उन्होंने संस्थागत प्रबंधन, वित्तीय अनुशासन और उत्पादों की ऑनलाइन मार्केटिंग पर जोर दिया. सभी एफपीओ के बीच नियमित संवाद और सहयोग विकसित करने की बात कही ताकि वे सामूहिक रूप से सीख सकें. कार्यक्रम में उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और वित्तीय प्रबंधन जैसे तकनीकी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी. कार्यशाला में जिले के 19 एफपीओ प्रतिनिधियों सहित जन जागरण केंद्र के भूपेंद्र सिंह, सपोर्ट संस्था के दीपक सिन्हा और टीम को-ऑर्डिनेटर सौरभ कुमार ने भागीदारी निभायी. इस दौरान ईशा, नीतीश, शायन तंजीम, सादिक, रंजित और नकुल भी उपस्थित थे.
एफपीओ को ऑनलाइन मार्केटिंग से जोड़ने पर जोर

एफपीओ को ऑनलाइन मार्केटिंग से जोड़ने पर जोर
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नाबार्ड की कार्यशाला