NEET-UG पेपर की हजारीबाग में एनटीए के ट्रंक से हुई थी चोरी, 2 और लोग सीबीआई की गिरफ्त में

NEET-UG पेपर लीक मामले में सीबीआइ ने बिहार और झारखंड से 2 लोगों को गिरफ्तार किया है. हजारीबाग में एनटीए के ट्रंक से पेपर की चोरी का खुलासा किया है.

NEET-UG Paper Leak: नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले की पड़ताल कर रही सीबीआइ की दो अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें सिविल इंजीनियर पंकज कुमार उर्फ आदित्य की गिरफ्तारी पटना से हुई है, जो झारखंड के बोकारो का रहनेवाला है.

हजारीबाग के राज गेस्टहाउस से हुई राजकुमार सिंह की गिरफ्तारी

पंकज उर्फ आदित्य के साथी राजकुमार सिंह उर्फ राजू को हजारीबाग के रामनगर स्थित ‘राज गेस्टहाउस’ से गिरफ्तार किया गया है. राजकुमार को अपने साथ पटना ले जा रही सीबीआइ की टीम ने उसके गेस्टहाउस को अस्थायी रूप से सील कर दिया. साथ ही गेस्टहाउस के बाहर एक नोटिस भी चिपकाया है. सीबीआइ टीम हजारीबाग से अपने साथ कुछ दस्तावेज भी ले गयी है.

  • बोकरो के रहने वाले पंकज कुमार उर्फ आदित्य ने जमशेदपुर एनआइटी से की सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई
  • राजकुमार सिंह उर्फ राजू का हजारीबाग के रामनगर में है गेस्टहाउस, उसे अपने साथ पटना ले गयी सीबीआइ
  • गेस्टहाउस से कुछ कागजात अपने साथ ले गयी सीबीआइ की टीम गेस्टहाउस को सील कर बाहर नोटिस चिपकाया

पंकज कुमार ने चुराया था ट्रंक से नीट-यूजी 2024 का प्रश्न पत्र

सूत्रों का कहना है कि जमशेदपुर एनआइटी के 2017 बैच का सिविल इंजीनियर पंकज कुमार ने हजारीबाग में एनटीए के ट्रंक से नीट-यूजी 2024 का प्रश्नपत्र चुराया था. राजकुमार ने प्रश्नपत्र चुराने और गिरोह के अन्य सदस्यों को देने में मदद की थी. इन दोनों को मिलाकर इस मामले में अब तक कुल 14 अभियुक्त गिरफ्तार किये जा चुके हैं.

लगातार छापेमारी कर रही है सीबीआइ की टीम

पंकज और राजकुमार को जल्द ही सीबीआइ के विशेष कोर्ट में पेश किया जायेगा. गौरतलब है कि नीट-यूजी पेपर लीक मामले में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी के लिए सीबीआइ की टीम लगातार छापेमारी कर रही है.

NEET-UG पेपर लीक में सीबीआइ का फोकस हजारीबाग- पटना

सीबीआइ का फोकस पटना और हजारीबाग हैं. पूर्व में सीबीआइ की टीम हजारीबाग से एनटीए के सिटी को-ऑर्डिनेटर सह ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल डाॅ एहसान उल हक, वाइस प्रिंसिपल मो इम्तियाज और हजारीबाग निवासी मो जमालुद्दीन को गिरफ्तार कर चुकी है. सूत्रों का कहना है कि राजकुमार का संबंध जमालुद्दीन से रहा है.

गेस्टहाउस में 3 घंटे रही टीम

सीबीआइ की टीम राजकुमार सिंह को सोमवार को ही हिरासत में ले चुकी थी. सूत्रों के अनुसार, उसे डीवीसी गेस्ट हाउस में रखकर पूछताछ की गयी. इसके बाद सीबीआइ की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार दिन के 11:30 बजे दोबारा उसके रामनगर स्थित राज गेस्टहाउस में पहुंची. करीब तीन घंटे तक जांच-पड़ताल के बाद टीम गेस्टहाउस से बाहर निकली. इसके बाद राजकुमार और गेस्टहाउस के जब्त दस्तावेजों को लेकर पटना के लिए रवाना हो गयी.

पत्रकारों से उलझे राजकुमार के परिजन

मंगलवार को रामनगर स्थित गेस्ट हाउस में सीबीआइ टीम के पहुंचने की सूचना पर शहर के पत्रकार न्यूज कवर करने पहुंचे. इस दौरान राजकुमार के परिजन पत्रकारों और छायाकारों से उलझ गये. काले रंग की टी-शर्ट पहने हुए उसके परिवार का एक सदस्य पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज करने लगा. कुछ लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ. इस संबंध में पत्रकारों ने धक्का-मुक्की करनेवाले व्यक्ति के विरुद्ध कटकमदाग थाना में आवेदन दिया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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