हजारीबाग: राष्ट्रीय लोक अदालत में 61,814 मामलों का निबटारा

हजारीबाग में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह से 61,814 मामलों का निपटारा हुआ, जिससे सरकार को 53.07 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

हजारीबाग: सिविल कोर्ट हजारीबाग परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. इसका ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति सह झारखंड विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी चेयरमैन सुजीत नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्वलित कर किया. हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुवचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में न्यायिक पदाधिकारियों और न्यायालयकर्मियों ने मामलों के निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी.

राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सुलह के आधार पर कुल 61,814 मामलों का निबटारा किया गया. इन मामलों के निष्पादन से सरकार को 53 करोड़ 7 लाख 28 हजार 912 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ.

लोक अदालत में बैंक रिकवरी के 1,041, सुलहनीय अपराध के 947, बिजली विभाग के 548, भू-अर्जन के 608, श्रम विवाद के छह, दुर्घटना दावा के 22, वैवाहिक विवाद के 17, उपभोक्ता संरक्षण के दो, पानी एवं अन्य टैक्स से संबंधित 210 तथा चेक बाउंस के 95 मामलों का निबटारा हुआ. इसके अलावा अन्य वित्तीय मामलों के 30,775, दूरसंचार विभाग के 32, स्थायी लोक अदालत के 230 और अन्य 27,231 मामलों का भी निष्पादन किया गया.

यह जानकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विपुल कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुवचंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है.

उन्होंने बताया कि पारिवारिक एवं वैवाहिक विवादों के समाधान के लिए सिविल कोर्ट के न्याय सदन भवन में मध्यस्थता केंद्र संचालित है. यहां पक्षकारों के बीच समझौता करा कर पारिवारिक विवादों का समाधान कराया जा रहा है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithun

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >