हजारीबाग. सिविल कोर्ट हजारीबाग में मंगलवार को हत्या के एक मामले में सुनवाई हुई. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय केएम प्रसाद ने दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनायी. सजा पानेवाले में उमेश विश्वकर्मा कटकमसांडी शाहपुर गांव का रहने वाला है. कोर्ट ने उसे भारतीय दंड विधान की धारा 302/34 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और पचास हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी. जुर्माना की राशि नहीं देने पर दोषी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. कोर्ट ने दोषी को भारतीय दंड विधान की धारा 120 (बी) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और पचास हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनायी है. ज्ञात हो कि शाहपुर गांव निवासी सूचक मनोज प्रसाद के लिखित आवेदन पर कटकमसांडी थाना कांड संख्या 98/2022 दर्ज किया गया था. जिसमें सूचक ने बताया था कि 15 जुलाई 2022 की रात में करीब आठ बजे दो व्यक्ति उनके घर आये. जिसमें उमेश विश्वकर्मा भी शामिल था, जबकि दूसरे को वह नहीं पहचानते हैं. उमेश विश्वकर्मा ने सूचक के घर जाकर उसकी मां को अपने साथ झाड़-फूंक करने के लिए ले गये. उसकी मां को तुरंत पहुंचाने की बात कहा. 16 जुलाई 2022 को सुबह तक सूचक की मां घर नहीं आयी, तो सभी लोगों ने उसकी खोजबीन प्रारंभ की. करीब आठ बजे ग्रामीणों को पता चला कि सुमेलवा जंगल में उसकी मां का गला कटा हुआ हालत में मिला था.
हत्या के एक आरोपी को आजीवन कारावास
सिविल कोर्ट हजारीबाग में मंगलवार को हत्या के एक मामले में सुनवाई हुई.
