प्रवासी मजदूर गोवर्धन रजक का शव गांव लाते ही गमगीन हुआ माहौल

थाना क्षेत्र के हसेल गांव निवासी प्रवासी मजदूर गोवर्धन रजवार (उम्र 42 वर्ष पिता स्वर्गीय खीरू रजवार) का शव सोमवार देर रात गांव लाया गया

इचाक. थाना क्षेत्र के हसेल गांव निवासी प्रवासी मजदूर गोवर्धन रजवार (उम्र 42 वर्ष पिता स्वर्गीय खीरू रजवार) का शव सोमवार देर रात गांव लाया गया. शव लाते ही गांव मे शोक छा गया. पत्नी संजू देवी, पुत्री रूपा कुमारी, पुत्र समीर रजवार, कुलदीप रजवार , बूढ़ी मां तेतरी देवी, चारों बहने चरकी देवी, उमा,रेखा एवं रश्मि देवी समेत मुहल्ले वासियों के रोने से गांव का माहौल गमगीन हो गया. मंगलवार की सुबह हसेल गांव के श्मशान घाट मे शव का अग्नि संस्कार किया गया. मुखाग्नि उसके पुत्र ने दी. मृतक प्रवासी मजदूर गोवर्धन रजवार घर का इकलौता कमाऊ व्यक्ति था. उसके आकस्मिक निधन से तीनों बच्चे के सिर से पिता का साया एवं पत्नी का सुहाग छिन गया. ग्रामीणों ने बताया कि घर में रहकर परिवार का भरण पोषण करने मे असमर्थ रहने के कारण तीन माह पूर्व कमाने के लिए गुजरात गया था. वहां गांधी नगर मे एक केमिकल फैक्ट्री मे काम करने लगा. ग्रामीणों ने बताया कि 13 जून शनिवार को दोपहर बाद काम करने के दौरान ही उसकी मौत केमिकल फैक्ट्री के अंदर ही हो गयी. इसका पता परिजनों को 14 जून को चला.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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