बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से अपने को अलग रखा
प्रदर्शन के साथ बिल की प्रति जलायी गयी हजारीबाग. अधिवक्ता संशोधन अधिनियम 2025 के विरोध में मंगलवार को हजारीबाग बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से अपने को अलग रखा और हड़ताल पर रहे. धरना प्रदर्शन के साथ बिल की प्रतियां जलायी. दिन के 11 बजे से ही बार के अधिवक्ताओं ने इस कानून का विरोध किया. संघ के सचिव सुमन कुमार सिंह ने कहा कि यह कानून अधिवक्ता हित में नहीं है. केंद्र सरकार अधिवक्ताओं के अधिकार और उनकी स्वतंत्रता पर अंकुश लगाना चाहती है. इसका विरोध पूरे भारत के अधिवक्ता कर रहे हैं. संयुक्त सचिव कुणाल कुमार ने कहा कि इस अधिनियम के तहत केंद्र सरकार बार कौंसिल ऑफ इंडिया के तीन सदस्य को सरकार में शामिल कर देश भर के अधिवक्ताओं को अपने नियंत्रण में करना चाहती है. इस अधिनियम से वकीलों के स्वतंत्रता का हनन होगा. पुलता व बिल की प्रति जलाने में अधिवक्ता विजय कुमार सिंह, दीपक कुमार, भरत कुमार, भैया सुमित कुमार सिन्हा, चंद्रिका प्रसाद, विभव कुमार, जवाहर प्रसाद, सतीश कुमार सिन्हा, रमेश सिंह, मिथिलेश कुमार मने, सुनील ठाकुर, कुमार रंजन, फणी कुमार यादव, स्वरूप चंद्र जैन, गौरव सहाय, जमील खान, शंकर प्रसाद, ब्रजेश कुमार, अमर रंजन, इकराम खान समेत कई अधिवक्ता शामिल थे.
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