हजारीबाग: विष्णुगढ़ प्रखंड के नागी पंचायत के ग्राम अरजरी प करी गांव के बीच स्थित कोनार नदी में स्थायी पुल नहीं रहने से ग्रामीणों को बरसात के दिनों काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. नदी में बाढ़ आने के बाद आधा दर्जन गांव के लोग कहीं जा नहीं पाते हैं. कोनार नदी में पानी कम होता है उसके बाद ही ग्रामीणों का आना जाना हो पाता है. इससे ग्रामीणों काफी दिक्कत हो रही है.
बरसात के पानी के साथ-साथ कोनार डैम से जब भी पानी छोड़ा जाता है, उस समय आने जाने के लिए बनाये गये टेंपररी चार फुट का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है. इससे प्रतिदिन छोटा मोटा व्यापार करनेवाले लोगों काफी फजीहत उठानी पड़ती है. इस मार्ग के एक तरफ का रेलिंग टूट गया है, जिससे बाइक पर सवार लोग सावधानी पूर्वक नदी पार करते हैं. थोड़ी सी चुक होने पर बाइक नदी में गिर जाता है. यह टेंपररी पुल 20-25 वर्ष पहले बना है, जो पूरी तरह टूट चुका है. लोग अपना जान जोखिम में डालकर आवाजाही करते हैं.
ग्रामीणों ने कहा कि इस मार्ग से गोमिया विधानसभा के करी, कुरकनालो, दुधमो, जरकुंडा, चतरो चटी, चिदरी तथा मांडू विधानसभा के नागी, अरजरी, करी के अलावा कई गांव के लोगों का आना जाना होता है. यह पुल गोमिया व मांडू विस को जोड़ता है.
ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए मांडू विधायक निर्मल महतो ने 30 जून 2025 को सचिव ग्रामीण विकास को अवगत कराया. लेकिन इस पर अभी तक कोई पहल नहीं हुआ है. इस संबंध में मुखिया कुंवर हांसदा ने कहा कि मासी मार्शल प्लस टू उच्च विद्यालय कजरकिलवा के छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने प्रतिदिन जाते हैं.
जब भी नदी में पानी तेज आया छात्रों का पढ़ाई बंद हो जाता है. कभी कभार तो एक सप्ताह तक पानी नदी में तेज रहता हैं. उप मुखिया दिलीप तुरी ने कहा कि जर्जर पुल में कभी भी बड़ी हादसा हो सकती है. इस पुल को अविलंब बनाया जाय. इसके अलावा सुरेंद्र गंझू ने भी पुल बनाने की मांग जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से किया है.
