दावोस में जयंत सिन्हा ने रखा भारत-झारखंड के सतत विकास का विजन

वैश्विक मंच पर भारत के सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण को लेकर गहन मंथन

हजारीबाग. दावोस (स्विट्ज़रलैंड) में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 में सीआइआइ इंडिया सस्टेनेबिलिटी टास्क फोर्स के अध्यक्ष व हजारीबाग के पूर्व सांसद जयंत सिन्हा ने वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया. इस वैश्विक मंच पर भारत के सतत विकास, जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण को लेकर गहन मंथन किया गया. जयंत सिन्हा ने जेएसडब्ल्यू ग्रुप के प्रबंध निदेशक पार्थ जिंदल सहित जर्मनी के प्रतिनिधि मंडल के साथ जलवायु, वित्त और ग्रीन इन्वेस्टमेंट पर चर्चा की. उन्होंने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश समेत कई नेताओं के साथ बैठक कर भारत के सतत विकास के लिए संसाधन सृजन पर विचार साझा किये. जयंत सिन्हा की मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ हुई मुलाकात में झारखंड को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने, खनन, मैन्युफैक्चरिंग, ग्रीन एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई. पूर्व सांसद जयंत सिन्हा ने कहा कि झारखंड के पास देश के 24 में से 20 महत्वपूर्ण खनिज हैं, जिससे राज्य ऊर्जा परिवर्तन और क्लीन-टेक मैन्युफैक्चरिंग में अहम भूमिका निभा सकता है. उन्होंने एआइ, रोबोटिक्स और नयी तकनीकों को भविष्य की आवश्यकता बताते हुए कहा कि भारत और झारखंड को तकनीक आधारित विकास में अग्रणी बनना होगा. जयंत सिन्हा ने कहा कि वे भारत, झारखंड और हजारीबाग के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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By SUNIL PRASAD

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