आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर है जतरा

कटकमदाग के बेंदी बाजार टांड में पूष जतरा महोत्सव

कटकमसांडी. कटकमदाग प्रखंड के बेंदी बाजार टांड़ में सोमवार को पूष जतरा महोत्सव का आयोजन हुआ. पूष जतरा कमेटी सह जय सरना ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस महोत्सव में समाज के लोग उल्लास के साथ शामिल शामिल हुए और झारखंड की परंपरागत गीत-नृत्य प्रस्तुत किया. जय सरना ट्रस्ट के केंद्रीय अध्यक्ष व धर्मगुरु कृष्णा उरांव ने प्रकृति की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. उन्होंने कहा कि फसल हो जाने के बाद जब तक उसकी पूजा नहीं हाेती है, तब तक आदिवासी समाज उसका अन्न ग्रहण नहीं करते हैं. पूष माह के शुरू होते ही अनाज की पूजा की जाती है, उसके बाद उस अन्न को खाने के उपयोग में लाया जाता है. कार्यक्रम में रंगारंग कार्यक्रम का लोगों ने लुत्फ उठाया. मुख्य अतिथि पूर्व जिप सदस्य शारदा रंजन दुबे ने कहा कि यह आयोजन आदिवासी समाज के लिए गौरव का क्षण है. जतरा महोत्सव झारखंड के आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति धरोहर का प्रतीक है. इस महोत्सव में आदिवासी समाज अपने पशुओं और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करते हैं. 20 सूत्री कमेटी संघ के जिलाध्यक्ष शशि मोहन सिंह ने आदिवासी समाज से अपील की है कि पुष जतरा महोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें और अपनी संस्कृति को जीवंत बनायें रखें. मौके पर वीरेंद्र कुमार सिंह, अवधेश कुमार सिंह, ओम प्रकाश मिश्रा, गोवर्धन गंझू, नरसिंह प्रजापति, मुखिया संगीता देवी, विजय राम, राजू सिंह, अरुण पांडेय, असगर अली, रंजीत यादव, मनोज मोदी, ज्योति दुबे, बिनोद गंझू ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में पुष जतरा कमेटी के अध्यक्ष जोसेफ तिग्गा उरांव, उपाध्यक्ष सुनील गंझू, सचिव मुकेश टोप्पो, कोषाध्यक्ष दिगंबर गंझू, मुख्य पहन सागर उरांव, जगन्नाथ उरांव, समीर उरांव, प्रदीप उरांव, निरल उरांव, विकास उरांव, मनीष उरांव, कौलेश्वर गंझू, लाखो उरांव सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे .

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