BGR माइंस पर INTUC का हमला, बोले सुरजीत नागवाला - रैयत-विस्थापितों को ठगना बंद करे, नहीं तो होगी तालाबंदी

राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) ने NTPC की MDO कंपनी BGR माइंस प्रबंधन पर रैयतों, विस्थापितों और मजदूरों के साथ धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाया है. संगठन ने कथित अनियमितताओं पर रोक न लगने पर प्रोजेक्ट में तालाबंदी और चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है.


Hazaribagh News: राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) की झारखंड शाखा ने NTPC की MDO कंपनी BGR माइंस प्रबंधन पर रैयतों, विस्थापितों और मजदूरों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. संगठन के प्रदेश प्रवक्ता सुरजीत नागवाला ने सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चेतावनी दी कि यदि कंपनी ने कथित अनियमितताओं पर रोक नहीं लगाई तो प्रोजेक्ट में तालाबंदी और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. उन्होंने यह भी घोषणा की कि INTUC के प्रदेश अध्यक्ष राकेश्वर पाण्डेय जल्द ही केरेदारी क्षेत्र में मजदूरों के समर्थन में बड़ी जनसभा करेंगे.

तीन साल बाद भी नहीं मिला स्किल्ड अपग्रेड

सुरजीत नागवाला ने आरोप लगाया कि BGR माइंस में काम कर रहे कई मजदूरों को तीन साल बीत जाने के बाद भी स्किल्ड श्रेणी में अपग्रेड नहीं किया गया है. उनका कहना है कि मजदूरों से स्किल्ड श्रेणी का काम लिया जा रहा है, लेकिन उन्हें अनस्किल्ड श्रेणी में रखकर कम मजदूरी दी जा रही है. उन्होंने इसे श्रमिक अधिकारों का उल्लंघन बताया.

LMV ड्राइवरों के वेतन पर उठाए सवाल

INTUC ने आरोप लगाया कि NTPC से मंजूरी मिलने के बावजूद LMV ड्राइवरों के वेतन में बढ़ोतरी लागू नहीं की गई है. संगठन का दावा है कि कंपनी 541, 568 और 638 रुपये की मजदूरी देकर ड्राइवरों को HPC वेतनमान से वंचित रख रही है. नागवाला ने कहा कि मजदूरों को उनके अधिकारों के अनुरूप भुगतान किया जाना चाहिए.

ब्लास्टिंग से मकानों में दरार का दावा

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खदान में हो रही उच्च क्षमता की ब्लास्टिंग का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. INTUC का आरोप है कि तेज ब्लास्टिंग के कारण आसपास के प्रभावित गांवों के मकानों में दरारें पड़ रही हैं. संगठन ने यह भी दावा किया कि लगातार कंपन और धूल प्रदूषण से स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है और हृदय रोग सहित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है.

CSR फंड की जांच की मांग

सुरजीत नागवाला ने BGR माइंस के CSR फंड में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि CSR फंड, मजदूरों के वेतन और कल्याणकारी योजनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जानी चाहिए. संगठन ने इन मामलों की जांच NIA और ACB जैसी एजेंसियों से कराने की मांग की है. हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई.

मजदूरी कटौती और सुविधाओं का आरोप

INTUC ने आरोप लगाया कि कंपनी के कैंप में रहने वाले कर्मचारियों को 30 से 31 दिनों का वेतन दिया जाता है, जबकि स्थानीय मजदूरों की चार से पांच दिन की मजदूरी काट ली जाती है. संगठन ने यह भी दावा किया कि कैंप में पर्याप्त बाथरूम की सुविधा नहीं है और स्थानीय मजदूरों को सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं.

11 गांवों के अस्तित्व पर चिंता

संगठन ने NTPC चट्टी बरियातू साउथ कोल परियोजना का भी विरोध जताया. INTUC का आरोप है कि इस परियोजना की अधिसूचना से 11 गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा. नागवाला ने कहा कि रैयतों और विस्थापितों की सहमति के बिना ऐसे कदम स्वीकार नहीं किए जाएंगे और संगठन इस मुद्दे पर भी आंदोलन करेगा.

पगार OP और थाना प्रभारी पर भी लगाए आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुरजीत नागवाला ने आरोप लगाया कि BGR माइंस ने अपने कार्यालय परिसर में गलत तरीके से पगार OP स्थापित कर रैयतों और विस्थापितों में भय का माहौल बनाया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित थाना प्रभारी दिनेश कुमार मंडल की कंपनी से कथित सांठगांठ है और उनकी चल-अचल संपत्ति की जांच कराई जानी चाहिए. उनका दावा है कि संबंधित भूमि भौगोलिक रूप से केरेदारी थाना क्षेत्र में आती है और पगार OP उस क्षेत्राधिकार में नहीं आता.

चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

INTUC ने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. संगठन के अनुसार पहले केरेदारी में बड़ी जनसभा आयोजित होगी, जिसके बाद चरणबद्ध आंदोलन, चक्का जाम और आवश्यकता पड़ने पर प्रोजेक्ट में तालाबंदी जैसे कदम उठाए जाएंगे. फिलहाल BGR माइंस, NTPC या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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INTUC का आरोप

  • NTPC की MDO कंपनी B.G.R Mines रैयत, विस्थापित और मजदूरों के साथ धोखा कर रही है. 3 साल बीत जाने के बाद भी मजदूरों का Skilled Upgrade नहीं किया जा रहा, Unskilled में रखकर काम लिया जा रहा है.
  • NTPC से मंजूरी के बावजूद LMV ड्राइवरों की सैलरी में बढ़ोतरी नहीं दी जा रही है। B.G.R द्वारा 541, 568, 638 रुपए मजदूरी दी जा रही है और HPC वेतन से वंचित रखा जा रहा है.
  • खदान में उच्च क्षमता का ब्लास्टिंग किया जा रहा है जिससे प्रभावितों के मकान में दरार पड़ रही है, कंपन से हृदय रोग और प्रदूषण का खतरा बढ़ रहा है.
  • B.G.R Mining के CSR फंड में बहुत बड़ा घोटाला हो रहा है, जिसकी जांच उच्च स्तरीय एजेंसी से होनी चाहिए। मजदूरों के वेतन, CSR फंड और कल्याणकारी योजनाओं में घोटाले की जांच NIA और ACB से कराने की मांग की गई है.
  • कैंप में रहने वालों को 30-31 दिन की सैलरी मिलती है जबकि लोकल मजदूरों की 4 से 5 दिन की मजदूरी काट ली जाती है। कैंप में कहीं भी बाथरूम की सुविधा नहीं है और स्थानीय मजदूरों को सुरक्षा मानक के अनुरूप सुरक्षा उपकरण नहीं दिए जा रहे.
  • NTPC चट्टी बरियातू साउथ कोल परियोजना के नोटिफिकेशन से 11 गांव विलुप्त होने जा रहे हैं, जिसका INTUC पुरजोर विरोध करती है.
  • B.G.R माइंस ने अपने कार्यालय परिसर में गलत तरीके से पगार OP स्थापित की है ताकि रैयत विस्थापितों में भय बनाया जा सके. आरोप लगाया गया कि वहां के थाना प्रभारी दिनेश कुमार मंडल कंपनी से सांठ गांठ कर अवैध संपत्ति बना रहे हैं, इनकी चल-अचल संपत्ति की जांच होनी चाहिए। भौगोलिक रूप से यह जमीन केरेदारी थाना क्षेत्र की है, पगार OP इस एरिया में नहीं आता.

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By Arif

हजारीबाग के आरिफ पिछले 26 वर्षों से प्रभात खबर के साथ निष्पक्ष, जनसरोकार एवं जमीनी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. हजारीबाग में खासकर शिक्षा विभाग मतलब सरकारी स्कूल के कक्षा एक से 12वीं तक की विभिन्न विषयों पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं. इसके अलावा कमिश्नरी ऑफिस, इंजीनियरिंग विभाग, पशुपालन विभाग, बंदोबस्त कार्यालय, आरटीओ, डीटीओ दोनों कार्यालय और जिला निबंधन कार्यालय से जुड़ी खबरों पर लगातार फोकस करते आ रहे हैं.

सामाजिक और राजनीति सरोकार से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रूचि रही है. पत्रकारिता करने के दौरान कई राजनीतिक व्यक्तित्व, कवि, रचनाकार व लेखक से मिलना भी उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं. झारखंड अलग होने से पहले प्रभात खबर में पत्रकारिता की शुरुआत चतरा जिले के टंडवा प्रखंड से की थी. तब पत्रकारिता में कई चुनौतियां थीं. इनका लगातार सामना करते हुए आज एक सफल पत्रकारिता के रूप में कार्य कर रहे हैं.

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