झारखंड का बजट तीन को: महिलाओं को सरकार से हैं कई उम्मीदें .
झारखंड का बजट तीन को: महिलाओं को सरकार से हैं कई उम्मीदें .
हजारीबाग. झारखंड सरकार के तीन मार्च को पेश होने वाले बजट से हजारीबाग की गृहणियों की कई आशाएं जुड़ी हैं. गृहणियों ने बढ़ती महंगाई पर अंकुश एवं महिला सुरक्षा और शिक्षा पर बजट में ध्यान देने की जरूरत पर बल दिया. महिलाओं ने बजट को लेकर अपने विचार प्रभात खबर के समक्ष रखा. सुनीता नगेरिया ने कहा कि झारखंड सरकार के बजट से गृहणियों को कई उम्मीदें हैं. घर की थाली दिनों-दिन महंगी होने से महिलाएं परेशान हैं. बजट में महिलाओं को आर्थिक रूप से संपन्न बनाने की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है. मटिल्डा लिंडा ने खाने पीने की वस्तुओं की बढ़ती कीमत पर बजट में रोक लगाने एवं रसोई गैस में सब्सिडी बढ़ाने की मांग बजट में की है. उन्होंने कहा कि महंगाई बढ़ने से गृहणियों को घर चलाना मुश्किल हो रहा है. बजट में इसका ध्यान रखा जाये. गृहिणी शोभा ने कहा कि झारखंड का बजट महिला उत्थान को देखते हुए बनाया जाये. महिलाओं के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार की व्यवस्था बजट में हो. उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को कुटीर उद्योग से जोड़ कर उनकी आमदनी बढ़ाने की व्यवस्था की जाये. सुषमा हांसदा ने कहा कि रसोई गैस की सब्सिडी राज्य अपने बजट में बढ़ाये. खाने-पीने एवं राेजमर्रा की वस्तु पर टैक्स कम हो. महिलाओं की सुरक्षा के लिए बजट में प्रावधान किया जाये. वीणा मेहता ने कहा कि तीन मार्च को झारखंड सरकार का बजट आने वाला है. उन्होंने इस बजट को महिलाओं के हित को ध्यान में रख कर पेश करने की बात कही है. पुष्पा सालो ने कहा कि महिला कल्याण, महिला सुरक्षा एवं शिक्षा के लिए बजट में राशि बढ़े. खाने-पीने की वस्तु पर टैक्स कम हो. महिला उत्थान के लिए नीतियां बनायी जाये. रीना केसरी ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण बच्चों के भरण-पोषण की कठिनाई को दूर करने वाला बजट हो. महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की योजना बनायी जाये. महिला सुरक्षा एवं उनकी शिक्षा पर विशेष जोर देने की बात कही.
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