हजारीबाग: दारू अंचल में प्रतिनियुक्त होमगार्ड मनोज कुमार सिन्हा ने आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार पर हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है. जबकि आंगो थाना प्रभारी जानू कुमार ने होमगार्ड मनोज द्वारा लगाये गये आरोप को बेबुनियाद बताया है. होमगार्ड मनोज कुमार सिन्हा दारू थाना क्षेत्र के दिगवार निवासी है. मनोज ने इस संबंध में एसडीपीओ विष्णुगढ़ फौजान अहमद को आवेदन देकर थाना प्रभारी के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई की मांग की है.
बाइक लेकर थाना परिसर में घुसने से नाराज हुए थानेदार
इधर, थाना प्रभारी ने मारपीट के आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि दारू थाना में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है. मनोज कुमार सिन्हा के अनुसार, वह अपने मित्र प्रदीप पासवान के साथ बाइक से आंगो थाना क्षेत्र में कार्यरत अपने परिचित मुन्ना दास से मिलने गया था. इसी दौरान बाइक लेकर थाना परिसर के अंदर चले जाने से थाना प्रभारी नाराज हो गये. मनोज का आरोप है कि इसके बाद उसे करीब आठ घंटे तक थाना परिसर में बैठाकर रखा गया. इस दौरान तीन बार उसके पैर बांधकर लाठी से पिटाई की गयी. जिससे उसका दाहिना हाथ की एक अंगुली में गंभीर चोट लगी है. मनोज का कहना है कि वह स्वयं होमगार्ड का जवान है और वर्तमान में दारू अंचलाधिकारी रामबालक कुमार के आवास पर ड्यूटी में तैनात है. उसने थाना प्रभारी को अपनी ड्यूटी के बारे में भी जानकारी दी, लेकिन इसके बावजूद उसके साथ मारपीट की गयी.
आंगो थाना प्रभारी ने कहा, नशे में था मनोज
इस संबंध में पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी विष्णुगढ़ फौजान अहमद ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है. उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी से इस संबंध में बात की जाटेगी और मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी. आंगो थाना प्रभारी ने बताया कि मनोज कुमार सिंह थाना आया था और उस समय शराब के नशे में था. थाना प्रभारी के अनुसार, मनोज थाना परिसर में गाली-गलौज कर रहा था. थाना प्रभारी ने बताया कि रात करीब 11 बजे मनोज को उसके पिता और एक ग्रामीण की मौजूदगी में सही-सलामत थाना से भेज दिया गया था.
