हजारीबाग से शंकर प्रसाद की रिपोर्ट
Hazaribagh News: शिक्षा के हब के रूप में पहचाने जाने वाले हजारीबाग शहर के कोर्रा थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है. शहर के कोर्रा चौक स्थित मुसन साव गली में संचालित “कुमार बॉयज हॉस्टल” के एक कमरे से स्नातक के एक छात्र का कथित रूप से फंदे से झूलता हुआ शव बरामद होने की खबर के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है.
मृतक की पहचान
मृतक छात्र की पहचान पंकज कुमार सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से पड़ोसी जिले गिरिडीह का रहने वाला था और यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था. घटना के बाद से हॉस्टल सहित आसपास के अन्य लॉज में रहने वाले छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच गहरा सन्नाटा और शोक का माहौल पसर गया है. फिलहाल छात्र द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है, जिसे लेकर पुलिस हर बिंदु पर गहराई से जांच कर रही है.
हॉस्टल के दूसरे तल्ले पर अकेले रहता था पंकज
जानकारी के अनुसार, गिरिडीह निवासी पंकज कुमार सिंह हजारीबाग में ग्रेजुएशन सेमेस्टर-1 का छात्र था. वह मुसन साव गली के कुमार बॉयज हॉस्टल के दूसरे तल्ले पर एक कमरा में अकेले किराए पर लेकर रह रहा था. हॉस्टल के अन्य सहपाठियों और आसपास के लोगों ने बताया कि पंकज पढ़ाई-लिखाई में बेहद तेज था. पढ़ाई के अलावा उसकी सबसे बड़ी खासियत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में उसकी बेजोड़ और गहरी रुचि थी. वह अक्सर कंप्यूटर कोडिंग और डिजिटल तकनीकों पर काम करता रहता था.
“वन नियर” एप्लीकेशन की होती थी सराहना
एक होनहार डेवलपर के रूप में पंकज की पहचान सोशल मीडिया और छात्र संगठनों के बीच भी थी. ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से हजारीबाग आकर पढ़ाई करने वाले गरीब और नए छात्रों की रोजमर्रा की परेशानियों को पंकज ने बहुत करीब से महसूस किया था. छात्रों को शहर में आने के बाद रहने के लिए सही कमरा, लॉज या हॉस्टल खोजने में होने वाली भारी दिक्कतों और दलालों के चक्कर से बचाने के लिए पंकज ने अपनी तकनीकी सूझबूझ से “वन नियर” नाम से एक मोबाइल एप्लीकेशन (ऐप) तैयार किया था. इस डिजिटल ऐप के माध्यम से कोई भी नया छात्र घर बैठे ही अपने बजट के अनुसार रूम खोज सकता था. पंकज के इस अनूठे और जन-सरोकार से जुड़े इस प्रयास की हजारीबाग के नागरिकों, लॉज मालिकों और छात्र समुदाय द्वारा बड़े पैमाने पर सराहना भी की जाती थी.
पुलिस मौके पर पहुंची
इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय कोर्रा थाना पुलिस बिना किसी देरी के दलबल के साथ तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू की. पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गिरिडीह में रह रहे पंकज के परिजनों को फोन पर इस अनहोनी की सूचना दी और उनसे बातचीत की. हालांकि समाचार लिखे जाने तक हॉस्टल के उस कमरे का दरवाजा पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं खोला और न ही तोड़ा गया था. बताया जा रहा है कि कानूनी अड़चनों और दूर से आ रहे परिजनों की स्पष्ट अनुमति और उपस्थिति न मिलने के कारण पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता बरतते हुए दरवाजा तोड़ना उचित नहीं समझा. फिलहाल कोर्रा थाना की पुलिस परिजनों के हजारीबाग पहुंचने का बेसब्री से इंतजार कर रही है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की मौजूदगी में कमरा खोलने के बाद ही शव को पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा जाएगा और कमरे की सघन तलाशी के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौके से कोई सुसाइड नोट या अन्य सुराग मिलता है या नहीं.
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