हजारीबाग में 13 मार्च को 19 स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक का जुटान, पीएम श्री योजना पर कार्यशाला

PM Shri Schools: हजारीबाग जिले में पीएम श्री योजना के तहत चयनित 19 स्कूलों के विकास को लेकर 13 मार्च को डायट में प्रधानाध्यापकों की उन्मुखीकरण कार्यशाला होगी. योजना के तहत स्कूलों को शैक्षणिक गतिविधियों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये मिलने की संभावना है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट

PM Shri Schools: झारखंड के हजारीबाग जिले में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है. जहां राज्य सरकार की ओर से चयनित मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों का तेजी से विकास किया जा रहा है, वहीं, केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम श्री योजना के तहत चयनित स्कूलों को भी आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जा रहा है.

हजारीबाग के 13 प्रखंडों में पीएम श्री स्कूल

हजारीबाग जिले के 16 प्रखंडों में से 13 प्रखंडों में एक-एक पीएम श्री स्कूल का चयन किया गया है. इसके अलावा सदर, बड़कागांव और चलकुसा प्रखंड में दो-दो पीएम श्री स्कूलों का चयन किया गया है. इस प्रकार जिले में कुल 19 स्कूल इस योजना के अंतर्गत शामिल किये गये हैं.

2024 में शुरू हुई पीएम श्री योजना

पीएम श्री योजना की शुरुआत वर्ष 2024 में की गयी थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करना है. योजना के तहत चयनित स्कूलों को शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने, स्कूल भवन के विकास, शिक्षण सामग्री की उपलब्धता, डिजिटल सुविधाओं और अन्य आवश्यक संसाधनों के लिए प्रतिवर्ष एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा रही है. यह राशि प्रत्येक वर्ष मार्च माह के अंतिम दिन तक स्कूलों को उपलब्ध करायी जाती है, ताकि विद्यालय अपने विकास कार्य समय पर पूरा कर सकें.

प्रधानाध्यापकों के लिए उन्मुखीकरण कार्यशाला

पीएम श्री योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 13 मार्च को एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा. इस कार्यशाला में जिले के सभी पीएम श्री स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापक भाग लेंगे. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रवीण रंजन ने बताया कि यह कार्यशाला झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से आयोजित की जा रही है. कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा. कार्यशाला के माध्यम से प्रधानाध्यापकों को पीएम श्री योजना के उद्देश्य, इसके क्रियान्वयन और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जाएगी.

कार्यशाला पर 50 हजार रुपये खर्च

डीईओ प्रवीण रंजन ने बताया कि इस एक दिवसीय कार्यशाला के आयोजन पर लगभग 50 हजार रुपये खर्च किये जाएंगे. कार्यशाला में पीएम श्री योजना से जुड़े प्रशिक्षित शिक्षक और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे. ये विशेषज्ञ प्रधानाध्यापकों को योजना के प्रभावी संचालन, वित्तीय प्रबंधन, स्कूल विकास और शैक्षणिक गतिविधियों के बेहतर संचालन से जुड़ी जानकारी देंगे. इससे स्कूलों को योजना का लाभ बेहतर तरीके से मिल सकेगा.

इसे भी पढ़ें: बे-मौसम बारिश ने खोली नगर निगम की पोल, कतरास की सड़कों पर भरा लबालब पानी

स्कूलों को मिल सकता है एक-एक करोड़

शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार इस महीने के अंत तक जिले के सभी 19 पीएम श्री स्कूलों को केंद्र सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये की राशि जारी की जा सकती है. इस राशि का उपयोग स्कूलों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आधुनिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराने और छात्रों के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने में किया जाएगा. उम्मीद है कि इस योजना से हजारीबाग जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा.

इसे भी पढ़ें: हजारीबाग में अधिकारी बेपरवाह, शहर की सड़कों पर पड़ा है मलबों का ढेर

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >