निजी स्कूलों की लापरवाही पर हजारीबाग DEO सख्त, 18 सितंबर की बैठक से गायब स्कूलों पर होगी कार्रवाई

हजारीबाग जिले में शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. सरकारी योजनाओं और पोर्टल पर डेटा अपडेट न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है.


Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में संचालित निजी विद्यालयों की लापरवाही पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कुमारी नीलम ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं और पोर्टल पर डाटा अपडेट करने में लापरवाही बरतने वाले निजी स्कूलों को चिन्हित किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के प्रबंधकों के खिलाफ उच्च स्तर पर विभागीय कार्रवाई के लिए पत्राचार किया जाएगा.

सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कई स्कूल पीछे

शिक्षा विभाग के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाओं का क्रियान्वयन सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी विद्यालयों में भी अनिवार्य है. इसके बावजूद जिले के कई निजी विद्यालय निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक जानकारी अपडेट नहीं कर रहे हैं. इससे राज्य और केंद्र सरकार को भेजी जाने वाली रिपोर्ट तैयार करने में जिला शिक्षा कार्यालय को परेशानी हो रही है. DEO कुमारी नीलम ने कहा कि सभी विद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे विभागीय निर्देशों का समय पर पालन करें. जो संस्थान लगातार लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

इन पांच प्रमुख बिंदुओं पर समीक्षा

  • बैठक में अधिकारियों ने निजी विद्यालयों के कार्यों की समीक्षा करते हुए पांच प्रमुख बिंदुओं पर विशेष जोर दिया.
  • सबसे पहले U-DISE Student Profile के तहत विद्यालय और विद्यार्थियों की पूरी जानकारी अपडेट करने को कहा गया. इसके अलावा APAAR (Automated Permanent Academic Account Registry) के अंतर्गत प्रत्येक छात्र की स्थायी अकादमिक आईडी को सक्रिय करने पर बल दिया गया.
  • बैठक में आधार सीडिंग की प्रगति की भी समीक्षा हुई. वहीं SHVR (स्वच्छ विद्यालय) से जुड़े मानकों के अनुपालन की स्थिति पर चर्चा की गई. अधिकारियों ने ECO CLUB के गठन और PRASHAST App के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत चिन्हांकन को भी अनिवार्य रूप से पूरा करने का निर्देश दिया.

जिला स्कूल में बुलाई गई थी बैठक

इन सभी मुद्दों पर समीक्षा के लिए प्रखंड संसाधन केंद्र, सिलवार, सदर के पत्रांक 291 दिनांक 15 सितंबर 2026 के आलोक में शुक्रवार, 18 सितंबर को Dist. CM SOE (जिला स्कूल), हजारीबाग में निजी विद्यालयों के प्राचार्य, संचालक और प्रबंधकों की अति आवश्यक बैठक आयोजित की गई. बैठक में SHVR, ECO CLUB, PRASHAST App और U-DISE सहित अन्य विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई. अधिकारियों ने पाया कि कई निजी विद्यालय अभी भी निर्धारित कार्यों को पूरा करने में पीछे हैं.

बैठक से गैरहाजिर स्कूलों पर जताई नाराजगी

बैठक के दौरान कई निजी विद्यालयों के प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर अधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई. शिक्षा विभाग ने संकेत दिया कि बैठक में गैरहाजिर रहने वाले विद्यालयों के साथ-साथ विभागीय निर्देशों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों की सूची तैयार की जा रही है. DEO कुमारी नीलम ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक होने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ उच्च स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

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तय समय सीमा में डाटा अपडेट करने का निर्देश

बैठक का संचालन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी-सह-समन्वयक राकेश सिंह, ADPO कौशल किशोर और BPO रश्मि सिंह ने किया. अधिकारियों ने सभी निजी विद्यालयों को लंबित रिपोर्ट और डाटा शत-प्रतिशत अपडेट करने के लिए तय समय सीमा का पालन करने का सख्त निर्देश दिया. बैठक में BPO, CRP, BRP, RT और MIS से जुड़े अधिकारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने कहा कि विभाग की प्राथमिकता सभी निजी विद्यालयों में सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है, ताकि जिले से राज्य और केंद्र सरकार को समय पर सही और पूर्ण रिपोर्ट भेजी जा सके.

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By Arif

हजारीबाग के आरिफ पिछले 26 वर्षों से प्रभात खबर के साथ निष्पक्ष, जनसरोकार एवं जमीनी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. हजारीबाग में खासकर शिक्षा विभाग मतलब सरकारी स्कूल के कक्षा एक से 12वीं तक की विभिन्न विषयों पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं. इसके अलावा कमिश्नरी ऑफिस, इंजीनियरिंग विभाग, पशुपालन विभाग, बंदोबस्त कार्यालय, आरटीओ, डीटीओ दोनों कार्यालय और जिला निबंधन कार्यालय से जुड़ी खबरों पर लगातार फोकस करते आ रहे हैं.

सामाजिक और राजनीति सरोकार से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रूचि रही है. पत्रकारिता करने के दौरान कई राजनीतिक व्यक्तित्व, कवि, रचनाकार व लेखक से मिलना भी उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं. झारखंड अलग होने से पहले प्रभात खबर में पत्रकारिता की शुरुआत चतरा जिले के टंडवा प्रखंड से की थी. तब पत्रकारिता में कई चुनौतियां थीं. इनका लगातार सामना करते हुए आज एक सफल पत्रकारिता के रूप में कार्य कर रहे हैं.

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