हजारीबाग भवन प्रमंडल में टेंडर पर उठे सवाल, स्थानीय संवेदकों ने लगाया भेदभाव का आरोप; 11 योजनाओं की निविदा जारी

हजारीबाग भवन प्रमंडल में निविदा प्रक्रिया को लेकर संवेदक भड़के हुए हैं. उनका आरोप है कि अधिकारियों की मनमानी से बाहरी ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जा रहा है. इस मामले में अब जांच की मांग उठ रही है.

हजारीबाग. झारखंड के हजारीबाग भवन प्रमंडल कार्यालय में निविदा प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है. अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बड़ी संख्या में संवेदक एकजुट होकर विरोध कर रहे हैं. कुछ संवेदकों ने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और पीछे के दरवाजे से बाहरी ठेकेदारों को ठेका दिया जा रहा है. उनका कहना है कि स्थानीय संवेदकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है.

एक अधिकारी के पास कई जिम्मेदारियां, संवेदकों ने उठाये सवाल

सहायक अभियंता सचिन अग्रवाल भवन प्रमंडल संख्या-1 में लंबे समय से पदस्थापित हैं. उन्हें भवन प्रमंडल संख्या-2 का भी प्रभार मिला है. दोनों प्रमंडल सदर अनुमंडल में हैं. इसके अलावा विचाराधीन योजनाओं का प्रभारी भी सचिन अग्रवाल के जिम्मे है. विवादों में घिरे कार्यपालक अभियंता अमित कुमार के लंबे समय से छुट्टी पर रहने के बाद कोडरमा के कार्यपालक अभियंता को प्रभारी बनाया गया है. उनकी गैरमौजूदगी में सचिन अग्रवाल ही कार्यपालक अभियंता का काम देखते हैं.

संवेदकों का आरोप है कि सचिन अग्रवाल के स्तर से कार्यालय के कई कामों में हस्तक्षेप के कारण उन्हें परेशानी हो रही है. हालांकि, सचिन अग्रवाल ने अपने ऊपर लगे आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए पूरे मामले पर सफाई दी है. वहीं, बड़ी संख्या में संवेदकों ने DC हेमंत सती सहित विभागीय उच्च अधिकारियों से सचिन अग्रवाल के कार्यकाल की जांच कराने की मांग की है.

भवन प्रमंडल में 11 योजनाओं का टेंडर

भवन निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल, हजारीबाग की ओर से 11 योजनाओं के लिए निविदा जारी की गयी है. 19 सितंबर 2026 को अपराह्न 3.30 बजे सभी 11 निविदाएं खोली गयीं. निविदा प्रपत्र की बिक्री 18 सितंबर को दोपहर 1 बजे तक की गयी थी.

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एक नजर में 11 योजनाएं

1 और 2- राजकीय भूगर्भ प्रयोगशाला का कायाकल्प

  • Renovation of Common Toilet in Rajkiya Geological Laboratory Building — प्राक्कलित राशि 10 लाख रुपये, अवधि 3 माह.
  • Renovation of State Geological Laboratory Building, Hazaribag — 43 लाख 29 हजार 650 रुपये, अवधि 4 माह.

3- प्रिजन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में सड़क

  • Principal आवास से Main Gate तक PCC Road निर्माण — 24 लाख 87 हजार रुपये, अवधि 2 माह.

4- बरही में डीप बोरिंग

  • शुकर फार्म, शुकर प्रजनन प्रक्षेत्र, गौरिया कर्मा, बरही में 200x150 mm Dia डीप बोरिंग और 1.5 HP सबमर्सिबल पंप — 2 लाख 79 हजार 800 रुपये.

5 से 8- LNJP सेंट्रल जेल के 12 वॉच टावर का रिनोवेशन

यह सबसे बड़ी योजनाओं में शामिल है. चार अलग-अलग टेंडर के माध्यम से 12 वॉच टावरों का रिनोवेशन कराया जायेगा.

  • Watch Tower (1-3) — 18 लाख 93 हजार 500 रुपये.
  • Watch Tower (4-6) — 18 लाख 93 हजार 500 रुपये.
  • Watch Tower (7-9) — 18 लाख 93 हजार 500 रुपये.
  • Watch Tower (10-12) — 18 लाख 93 हजार 500 रुपये.

कुल चार टेंडर में 12 टावरों का रिनोवेशन होगा. प्रत्येक योजना की अवधि 4 माह है.

9 से 11- जिला प्रशासन से जुड़े तीन अहम भवन

  • District Pensioner Office and Account Office का विस्तार — 49 लाख 83 हजार रुपये, अवधि 4 माह.
  • पुराने सर्किट हाउस में CM Suites का Renovation and Furnishing — 46 लाख 12 हजार रुपये.
  • उपायुक्त आवास परिसर में गोपनीय कार्यालय भवन और Visitor Room का Renovation — 42 लाख 92 हजार 500 रुपये.

करीब 2.75 करोड़ रुपये की हैं 11 योजनाएं

कुल मिलाकर 11 योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि करीब 2 करोड़ 75 लाख रुपये है. अग्रधन राशि 6 हजार से 1 लाख रुपये तक और परिमाण विपत्र का मूल्य 750 से 5000 रुपये रखा गया है.

निविदा की शर्तें कार्यालय के सूचना पट पर देखी जा सकती हैं.

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By Arif

हजारीबाग के आरिफ पिछले 26 वर्षों से प्रभात खबर के साथ निष्पक्ष, जनसरोकार एवं जमीनी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं. हजारीबाग में खासकर शिक्षा विभाग मतलब सरकारी स्कूल के कक्षा एक से 12वीं तक की विभिन्न विषयों पर लगातार रिपोर्टिंग कर रहे हैं. इसके अलावा कमिश्नरी ऑफिस, इंजीनियरिंग विभाग, पशुपालन विभाग, बंदोबस्त कार्यालय, आरटीओ, डीटीओ दोनों कार्यालय और जिला निबंधन कार्यालय से जुड़ी खबरों पर लगातार फोकस करते आ रहे हैं.

सामाजिक और राजनीति सरोकार से जुड़े विषयों में उनकी विशेष रूचि रही है. पत्रकारिता करने के दौरान कई राजनीतिक व्यक्तित्व, कवि, रचनाकार व लेखक से मिलना भी उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं. झारखंड अलग होने से पहले प्रभात खबर में पत्रकारिता की शुरुआत चतरा जिले के टंडवा प्रखंड से की थी. तब पत्रकारिता में कई चुनौतियां थीं. इनका लगातार सामना करते हुए आज एक सफल पत्रकारिता के रूप में कार्य कर रहे हैं.

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