बड़कागांव (हजारीबाग) : विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 को लेकर बुधवार को प्रखंड मुख्यालय के सभागार भवन में प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. इसकी अध्यक्षता बीडीओ जितेंद्र कुमार मंडल ने की. प्रशिक्षण में बीपीओ हीरो महतो और अरुण कुमार पासवान ने अधिनियम के प्रावधानों, योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी से संबंधित जानकारी दी.
एआई तकनीक से होगी योजनाओं की निगरानी
प्रशिक्षकों ने बताया कि योजनाओं के निरीक्षण और निगरानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा. प्रशिक्षण में बताया गया कि वीबी-जीरामजी के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गयी है. अधिनियम के तहत केंद्र और राज्य के बीच 60-40 के वित्तीय हिस्सेदारी फार्मूले की व्यवस्था की गयी है.
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साप्ताहिक भुगतान और बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि योजना के तहत साप्ताहिक भुगतान और अधिकतम 15 दिनों में मजदूरी भुगतान का प्रावधान है. इसके अलावा डिजिटल भुगतान, काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और भुगतान में विलंब होने पर क्षतिपूर्ति देने की व्यवस्था की गयी है.
318 प्रकार के कार्यों की दी गयी जानकारी
प्रशिक्षण में वीबी-जीरामजी के तहत कुल 318 प्रकार के कार्यों की जानकारी दी गयी. इनमें जल सुरक्षा से संबंधित 107 कार्य, मुख्य ग्रामीण अवसंरचना के 90 कार्य, आजीविका अवसंरचना से जुड़े 86 कार्य तथा चरम मौसम एवं आपदा से संबंधित 35 कार्य शामिल हैं. अधिनियम लोकसभा में 18 दिसंबर 2025 और राज्यसभा में 19 दिसंबर 2025 को पारित हुआ था. 21 दिसंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे मंजूरी दी.
मौके पर बीडीओ जितेंद्र कुमार मंडल, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी हीरो महतो, अरुण कुमार पासवान, सहायक अभियंता ओम प्रकाश कुमार, कनीय अभियंता समसुद्दीन अंसारी, सीताराम दीवान, निलेश कुमार एवं रवि कुमार सहित सभी पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव और रोजगार सेवक मौजूद थे.
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