आरिफ की रिपोर्ट
हजारीबाग : झारखंड में सरकारी खजाने से हर साल करोड़ों रुपये मरम्मत पर खर्च होने के बावजूद हजारीबाग में कई अधिकारियों के सरकारी आवास खंडहर में तब्दील हो रहे हैं. इसका ताजा उदाहरण स्टेट जीएसटी का आवासीय परिसर है. शहरी क्षेत्र के पीडब्ल्यूडी चौक, ज्ञान ज्योति कॉलेज से सटे एक एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला एडिशनल कमिश्नर का आवासीय परिसर आज पूरी तरह वीरान और जर्जर है. पहली नजर में देखने पर ऐसा लगता है कि यह कोई सरकारी क्वार्टर नहीं, बल्कि भूत बंगला है.
33 साल पुराना क्वार्टर, छत से टपकता पानी
लगभग 33 वर्ष पहले बना एडिशनल कमिश्नर का सरकारी आवास अब रहने लायक नहीं रह गया है. बरसात के मौसम में भवन की छत से पानी टपक रहा है. दीवारों का प्लास्टर लगातार झड़ रहा है. साफ-सफाई के अभाव में पूरे परिसर में ऊंची-ऊंची झाड़ियां उग गई हैं. परिसर में रहने वाले कर्मचारियों का कहना है कि आवास और इसके आसपास कई बार जहरीले सांप देखे गए हैं. सुरक्षा के अभाव में कोई भी रात में यहां रुकने की हिम्मत नहीं करता है.
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ढही चारदीवारी, सुरक्षा पर सवाल
रुक-रुक कर हो रही बारिश के बीच आवासीय परिसर की चारदीवारी कई जगह ढह गई है. परिसर और इसके आसपास सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है. इसी कारण एडिशनल कमिश्नर सहित कई अधिकारी सरकारी क्वार्टर छोड़कर शहर में किराये के मकान में रह रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की जमीन पर बना यह परिसर देखरेख के अभाव में बर्बाद हो रहा है. आसपास के लोग जमीन पर कब्जा जमाने के लिए तत्पर हैं. आवासीय परिसर के कुछ भूभाग पर कब्जा भी कर लिया गया है.
9.90 करोड़ का बना नया कार्यालय
व्यवहार न्यायालय परिसर से सटे जीएसटी के 33 साल पुराने कार्यालय भवन को 15 जनवरी 2021 को कंडम घोषित किया गया था. इसके बाद 9.90 करोड़ रुपये की लागत से नया राज्य कर भवन बनाया गया. इसमें संयुक्त आयुक्त, उपायुक्त, अन्वेषण ब्यूरो और अपीलीय न्यायालय सहित विभागीय कार्यालय पहले की तरह संचालित हो रहे हैं. हालांकि, नए भवन के चारों ओर की चारदीवारी अभी भी पुरानी है. कई जगहों पर चारदीवारी गिरी पड़ी है. जुगाड़ के सहारे चारदीवारी की घेराबंदी की गई है. चारदीवारी सुरक्षित नहीं होने से पूरे कार्यालय परिसर की सुरक्षा पर भी सवाल उठ रहे हैं.
अधिकारी बोले
एडिशनल कमिश्नर रामप्रवेश प्रसाद ने कहा कि लंबे समय से बने कार्यालय भवन की चारदीवारी और आवासीय परिसर दोनों जर्जर हैं. हमने भवन प्रमंडल को पत्र लिखा है. कार्यालय की सुरक्षा के लिए चारदीवारी जरूरी है. आवासीय परिसर की भी मरम्मत होनी चाहिए.
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