बरकट्ठा(हजारीबाग). प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत शिलाडीह पंचायत में फर्जी वंशावली के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने और भू-अर्जन का मुआवजा गबन करने का मामला सामने आया है. इस बाबत बेलकप्पी निवासी सोहेल अंसारी ने हजारीबाग आयुक्त एवं उपायुक्त को आवेदन देकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
संयुक्त खाते में आयी मुआवजे की राशि, दो लाख देने का आरोप
आरोप के मुताबिक आवेदक के अनपढ़ पिता जुमराती मियां के नाम पर मौजा बनवारी में कई एकड़ जमीन दर्ज है. मिनहाज अंसारी और कलीम अंसारी ने भू-अर्जन का मुआवजा दिलाने के नाम पर उनके साथ बैंक में संयुक्त खाता खुलवाया और मुआवजे के रूप में आये 9 लाख 11 हजार 52 रुपये की राशि निकाल ली, जबकि पीड़ित को केवल दो लाख रुपये ही दिये गये.
ये भी पढ़ें: ब्रजेश गंझू के मारे जाने की खबर से लावालौंग में असर, ममार्हत चौक की कई दुकानें बंद
फर्जी वंशावली से 54 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री का आरोप
इसके अलावा मुखिया और तत्कालीन अंचल कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी वंशावली तैयार करवाकर एलपीसी जारी करायी गयी, जिसके आधार पर कुल 54 डिसमिल जमीन की अवैध तरीके से रजिस्ट्री करा ली गयी.
दूसरे राज्य से लौटने पर मिली धोखाधड़ी की जानकारी
सोहेल दूसरे राज्य में मजदूरी का काम करता है. वहां से घर लौटने पर उसे इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली, तो उसने अंचल कार्यालय में दाखिल-खारिज रोकने के लिए आवेदन दिया. साथ ही, मुखिया पर पांच लाख रुपये लेकर मामला रफा-दफा करने का दबाव बनाने और धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है.
वैध-अवैध दस्तावेज सौंपकर कार्रवाई की गुहार
इस संबंध में पीड़ित ने सभी वैध व अवैध कागजात आयुक्त को देकर अवैध दस्तावेजों की जांच कर जमीन वापस दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है.
ये भी पढ़ें: रामगढ़ के दुलमी में पीसीसी पथ का शिलान्यास, बरसात में आवागमन की परेशानी से मिलेगी राहत
