इचाक. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के कृषि प्रभाग आत्मा के तत्वावधान में बुधवार को हदारी पंचायत में किसानों के लिए जागरूकता गोष्ठी आयोजित की गयी. कार्यक्रम में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, दलहन फसलों तथा मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने संबंधी जानकारी दी गयी. गोष्ठी में मक्का, बाजरा और रागी जैसी पोषक एवं लाभकारी फसलों की खेती के फायदे बताये गये. कृषि विशेषज्ञों ने कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग का अर्थ मिट्टी परीक्षण के आधार पर फसलों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश एवं अन्य सूक्ष्म पोषक तत्व सही मात्रा, सही समय और उचित अनुपात में उपलब्ध कराना है. इससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता, फसल की गुणवत्ता और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है. किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, पोषक तत्व आधारित सब्सिडी, नीम-लेपित यूरिया और नैनो उर्वरकों जैसी सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गयी. अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर खेती करने और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देने की अपील की. कार्यक्रम में प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम, प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनोद कुमार रवि, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक पुष्पा कुमारी, कृषक मित्र दिगंबर कुमार मेहता सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे.
किसानों को मोटे अनाज की खेती की दी गयी जानकारी
खरीफ फसल को किसान गोष्ठी
