किसानों को मिला जैविक खेती का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण में किसानों जैविक खेती से होने वाले फायदे के बारे में बताया गया.

: कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं किसान हजारीबाग. सदर प्रखंड क्षेत्र के गांव केसुरा एवं सिंघानी पंचायत के करबेकला, सिंघानी के किसानों को जैविक खेती करने का प्रशिक्षण दिया गया. परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत ऑर्गेनिक फार्मिंग अथॉरिटी ऑफ झारखंड के बैनर तले सत्येंद्र ऑर्गेनिक फार्मिंग रांची की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण में किसानों जैविक खेती से होने वाले फायदे के बारे में बताया गया. किसानाें को बताया गया कि जैविक खेती कर अपनी भूमि को लंबे समय तक उपजाऊ बना कर टिकाऊ खेती कर सकते हैंं. कम लागत में बेहतर उत्पादन और अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. मुख्य प्रशिक्षक ने कहा कि जैविक खेती एक शून्य बजट की खेती है. इससे हम अपने गांव में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों से कई प्रकार के खाद बना कर इसका उपयोग खेतों में कर सकते हैं. उन्होंने किसानों को नीम अर्क, जीवामृत बीजामृत दसपॉर्न, केंचुआ खाद सहित कई प्राकृतिक कीटनाशक एवं अन्य दवा बनाने की विधि बतायी. मौके पर क्षेत्र पदाधिकारी बीरेंद्र कुमार मेहता, अनूप कुमार, किसान शांति देवी, पिंकी देवी, सावित्री देवी, सहोदरी देवी, अनिता देवी, बसंती देवी, पिंकी देवी, देवंती देवी, उषा देवी, मालती देवी एवं सहित अन्य किसान शामिल थे.

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Author: SALLAHUDDIN

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