Durga Puja Special: मां के इस मंदिर में बिना प्रतिमा स्थापित किये होती है नवरात्रि की पूजा, जानें इसका महत्व

हजारीबाग में मां दुर्गा के इस मंदिर में नवरात्रि के दौरान बिना प्रतिमा स्थापित किये उनकी पूजा होती है. नवमी के दिन मां बागेश्वरी मंदिर में बलि देने की प्रथा है.

Durga Puja Special, जयनारायण( हजारीबाग) : विष्णुगढ़ के बनासो स्थित मां बागेश्वरी मंदिर नवरात्रि में आस्था का केंद्र बन गया है. शारदीय नवरात्र को लेकर इस मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जा रही है. 21 ब्राह्मण मां दुर्गा के सप्त सती पाठ करने में दिन-रात जुटे हैं.

मंदिर में नहीं होती है प्रतिमा स्थापित

बनासो मंदिर की खास बात यह है कि इस मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित नहीं की जाती है. यहां पर सिर्फ कलश स्थापना होती है. नवमी के दिन मां बागेश्वरी के मंदिर में बकरे की बलि देने की परंपरा है. इस विशेष कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर प्रांगण में जुटते हैं. श्रद्धालुओं का मानना है कि इस मंदिर में पूजा करने से लोगों की मनोकामना पूरी होती है.

अष्टमी को नहीं पड़ती है बलि

मंदिर के पुजारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि इस मंदिर में प्राचीन काल से शारदीय नवरात्रि पूजा होते आ रही है. इस मंदिर में सालों भर बलि देने की परंपरा है. लेकिन साल के शारदीय नवरात्र के अष्टमी के दिन बलि नहीं दी जाती है. इस दिन मां के दरबार में संधि पूजा होता है.

छह भुजा वाले दुर्गा की प्रतिमा प्राचीन

बनासो मां बागेश्वरी मंदिर की छह भुजा वाले मां दुर्गा की प्रतिमा हजारों साल पुरानी है. इसकी स्थापना किसने की यह किसी को जानकारी नहीं है. इस मंदिर को लेकर कई किंवदंती कहानी है. इस मंदिर की पूजा एक विशेष ब्राह्मण गोत्र करता है.

Also Read: Durga Puja: धनबाद के लिलौरी मंदिर में नवरात्र के मौके पर होती है विशेष साधना, 400 वर्षों पुराना है इतिहास

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Kunal kishore

कुणाल ने IIMC , नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा की डिग्री ली है. फिलहाल, वह प्रभात खबर में झारखंड डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां वे बतौर कॉपी राइटर अपने पत्रकारीय कौशल को धार दे रहे हैं. उनकी रुचि विदेश मामलों, अंतरराष्ट्रीय संबंध, खेल और राष्ट्रीय राजनीति में है. कुणाल को घूमने-फिरने के साथ पढ़ना-लिखना काफी पसंद है.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >