हजारीबाग. सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हारटोली में आयोजित दो दिवसीय प्रांतीय विज्ञान मेले का रविवार को समापन हुआ. समापन समारोह में विज्ञान मॉडल, प्रश्नमंच, प्रयोग और पत्रवाचन प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बाल वैज्ञानिक भैया-बहनों को पुरस्कृत किया गया.
मुख्य अतिथि भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, इटार, गोरियाकरमा, हजारीबाग के शैक्षणिक समन्वयक विशाल नाथ पांडेय ने कहा कि विज्ञान के प्रति बच्चों की अभिरुचि बढ़ाना मेले का मुख्य उद्देश्य है. हमारा जीवन विज्ञान से जुड़ा हुआ है. बच्चों में लगातार नयी चीजें सीखने और खोज करने की प्रवृत्ति विकसित होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि परिश्रम, आत्मविश्वास और लगन के साथ विद्यार्थी विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़कर सफल वैज्ञानिक बन सकते हैं. भारत की ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाकर विश्व की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है.
धनबाद प्रथम, गिरिडीह द्वितीय और हजारीबाग तृतीय
प्रांतीय विज्ञान मेला 2026 के ओवरऑल चैंपियन में राजकमल सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धनबाद ने प्रथम स्थान हासिल किया. बरगंडा, गिरिडीह दूसरे और कुम्हारटोली, हजारीबाग तीसरे स्थान पर रहा.
मेले में झारखंड प्रांत के 50 विद्यालयों से 701 चयनित बाल वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया. चयनित विद्यार्थी आगामी क्षेत्रीय विज्ञान मेले में भाग लेंगे.
मंच संचालन विवेक नयन पांडेय ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन नीरज कुमार लाल ने किया. मौके पर ब्रह्माजी राव समेत विद्या भारती के पदाधिकारी, विद्यालय प्रबंधन, प्राचार्य, आचार्य-दीदी और गणमान्य लोग उपस्थित थे.
