मजदूर-किसान हितों की अनदेखी का आरोप, हजारीबाग में केंद्रीय श्रम संगठनों का प्रदर्शन

हजारीबाग में केंद्रीय श्रम संगठनों और संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन कर रोजगार और पेंशन की गारंटी की मांग की।

हजारीबाग: केंद्र सरकार की मजदूर, श्रमिक तथा किसान विरोधी नीतियों के विरुद्ध दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय महारैली के समर्थन में केंद्रीय श्रम संगठनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा व बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल ने एलआइसी हजारीबाग मंडल के समझ प्रदर्शन किया. इस अवसर पर गणेश कुमार सीटू तथा जगदीश चंद मितल ने कहा कि आज हमारा देश और आम जनता का भविष्य एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है.

अमेरिकी नीतियों, IMF और विश्व बैंक के दबाव का विरोध

आज एक तरफ अमेरिकी साम्राज्यवाद, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक के दबाव में भारत पर ऐसी नीतियां थोपी जा रही है जो देश की आर्थिक आजादी और आत्मनिर्भर विकास पर सीधा हमला है. ट्रम्प के टैरिफ, एकतरफा व्यापार समझौते सब देश की नीतियों को प्रभावित कर रही हैं. प्राकृतिक संसाधनों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम पर देश-विदेश कारपोरेट घरानों का कब्जा लगातार बढ़ता जा रहा है.

सरकार से सम्मानजनक रोजगार और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी की मांग

उन्होने सरकार से सभी के लिए सम्मानजनक रोजगार, न्यूनतम मजदूरी, पेंशन की गारंटी व खाद्य सुरक्षा की मांग की. सरकार से उन्होंने चार श्रम संहिता, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, बिजली विधेयक 2025 तथा सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियो के विनिवेशीकरण को वापस लेने की मांग की.

मौके पर ये रहें मौजूद

कार्यक्रम की अध्यक्षता अख्तर हुसैन ने की. कार्यक्रम में सुशील लकड़ा, दुर्गा सिंह, मदन कुमार पाठक, अजय रविदास, प्रवीण राणा, ऋतुराज सहाय, सौरभ शंकर, रौनक, भूषण, बिरसा मुंडा, दीनानाथ पांडे, कीर्ति, स्नेहा, जीवांशी, पूनम सिंह, आशा मिंज, विजय साहू, रामविलास गोप, विवेक सहाय, विपिन सिंहा, देवचंद मंडल, तेजन गोप, उमेश महतो सहित अन्य शामिल थे.


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By Mithun

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