हजारीबाग. मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पौता गांव से लापता युवक और दो युवतियों की मौत के मामले में एक माह बाद रहस्य से धीरे-धीरे पर्दा उठने लगा है. रांची विधि प्रयोगशाला से मिली रिपोर्ट और मृत युवक के मोबाइल से मिले वीडियो को पुलिस अहम सुराग मान रही है. मृत युवक के मोबाइल और तीनों के बिसरा की जांच के लिए नमूने रांची विधि प्रयोगशाला भेजे गये थे. करीब एक माह बाद पुलिस को जांच रिपोर्ट मिली है. कांड के अनुसंधानकर्ता सह इंस्पेक्टर विद्यावती ओहदार ने बताया कि युवक के मोबाइल में मिले वीडियो में तीनों स्वेच्छा से नदी में उतरते दिख रहे हैं. वीडियो युवक बना रहा था. पुलिस जांच में घटनास्थल पर शव करीब तीन फीट गहरे पानी में मिले थे, जबकि दो फीट दूरी पर पानी की गहराई 12 फीट पायी गयी. अब तक की जांच और एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस डूबने से मौत की आशंका जता रही है.
चंडीगढ़ की एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस के अनुसार, तीनों मृतकों के बिसरा की जांच के लिए नमूने सेंट्रल विधि प्रयोगशाला चंडीगढ़ भेजे गये हैं. इसकी रिपोर्ट अभी नहीं आयी है. पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने में करीब छह माह लग सकते हैं. रिपोर्ट मिलने के बाद मौत के कारणों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी. हजारीबाग पुलिस ने जांच रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने के लिए रिक्वेस्ट लेटर भी भेजा है.
क्या है मामला :
कटकमदाग थाना क्षेत्र के सुल्ताना गांव निवासी आदिल हुसैन, मंडई मुहल्ला की सानिया परवीन और पौता गांव की खुशी परवीन 23 अप्रैल को आम खाने जाने की बात कहकर घर से निकले थे. इसके बाद तीनों लापता हो गये थे. 27 अप्रैल को पौता डेमोटांड़ मोरांगी स्थित कोनार नदी से तीनों के शव बरामद किये गये थे. इस घटना को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे थे. उन्होंने आलाधिकारियों के साथ बैठक कर मामले का अनुसंधान बारीकी से करने का निर्देश दिया था.
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