पदमा. सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार ने पदमा सीएचसी का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने रोस्टर ड्यूटी में तैनात डाॅक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति जांची. पदमा और चंपाडीह अस्पताल में ड्यूटी दे रहे डाक्टरों की उपस्थिति पंजी की जांच की. प्रभारी डॉ धीरज कुमार को कई दिशा निर्देश दिये. साथ ही सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के कार्य प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने पीएमएसएमए के तहत 10-10 वर्षों की सेवा पूरी होने के उपलक्ष्य में पूरी लगन के साथ कार्य करने का निर्देश दिया. लोगों की सुविधा के लिए डायरेक्शन चाट लगाने, प्रत्येक एएनसी जांच में मलेरिया जांच अनिवार्य करने, 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों की जांच व इलाज की सुविधा और 30 वर्ष से ऊपर के मरीजों की एनसीडी जांच एवं इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. पिछले दो वर्षों से 108 एंबुलेंस सेवा बंद रहने और एमबीबीएस डाॅक्टर की कमी से आम लोगों को हो रही परेशानी के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि अगले दो माह में पदमा सीएचसी को सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध करा दी जायेगी. पुरानी कंपनी के खराब प्रदर्शन पर सरकार ने उसकी सेवा समाप्त कर निविदा से नयी कंपनी का चयन कर लिया है. उन्होंने एमबीबीएस डाॅक्टर की कमी पर कहा कि डॉक्टर की कमी पदमा सहित अन्य सीएचसी में भी है. जल्द ही इस समस्या के निराकरण के लिए रांची में विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलूंगा. इस दौरान जिला मलेरिया पदाधिकारी डाॅ कपिल मुनि, दंत सर्जन डाॅ दीपक कोनगाड़ी, परिवार कल्याण कार्य पदाधिकारी दीपक कुमार सिंह, वरीय लिपिक नंदलाल प्रसाद सहित स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.
दो माह में सीएचसी को मिलेगी 108 एंबुलेंस : सिविल सर्जन
पदमा सीएचसी का औचक निरीक्षण
