बीडीओ ने सचिव, मुखिया और रोजगार सेवक से मांगा स्पष्टीकरण
पांच करोड़ 96 लाख 27 हजार खर्च करने के बाद भी मजदूरों का हो रहा है पलायन
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
: पांच करोड़ 96 लाख 27 हजार खर्च करने के बाद भी मजदूरों का हो रहा है पलायन
कटकमसांडी. कटकमसांडी प्रखंड में मनरेगा के कार्य में पांच करोड़ 96 लाख 27 हजार खर्च होने के बाद भी क्षेत्र से मजदूरों का पलायन लगातार जारी है. मजदूरों के पलायन की रोकथाम के लिए कोई व्यापक कार्यक्रम नहीं चल रहा है. ग्रामीणों के अनुसार, मनरेगा का कार्य मजदूरों से नही करा कर जेसीबी से कराया जा रहा है. लोगों का आरोप है कि मनरेगा कर्मी की उदासीनता के कारण मजदूरों का पलायन लगातार जारी है. मनरेगा कार्यों में मजदूरों को राशि विलंब से भुगतान किया जाता है. इस संबंध में कटकमसांडी बीडीओ अनिल कुमार गुप्ता ने डाड़ पंचायत के मुखिया, पंचायत सचिव और रोजगार सेवक से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है. स्पष्टीकरण में पूछा है कि डाड़ पंचायत में मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को विलंब से राशि भुगतान किया गया, जिससे प्रखंड की छवि खराब हुई है. इससे यह प्रतीत होता है कि आपके द्वार बिना जांच किये भुगतान किया गया. बताया जाता है कि वर्ष 2023 और 22 नवंबर 2024 तक प्रखंड में पांच करोड़ 96 लाख 27 हजार रुपये की राशि विभिन्न योजनाओं में खर्च की गयी है. सबसे अधिक राशि डाड़ पंचायत में 76 लाख दो हजार खर्च करने के बाद भी मजदूरों को सही समय पर भुगतान नहीं किया गया. प्रखंड के डाड़ आरामुसाई, शाहपुर पंचायत में जेसीबी के माध्यम से कूप, डोभा, टीसीबी का काम कराया गया है. आराभुसाई पंचायत के रोजगार सेवक ने कहा कि सभी योजना के भुगतान पर रोक लगा दी गयी है.
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