.. प्याज उत्पादन में बड़कागांव हुआ आत्मनिर्भर
हजारीबाग जिले के कृषि प्रधान क्षेत्र बड़कागांव प्रखंड में प्याज का उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई है. इससे किसानों को आर्थिक आमदनी हो रही है.
20 bg 2 में- प्याज में लगे मिट्टी को साफ करते हुए कृषक गंदोरी महतो एवं अन्य संजय सागर, बड़कागांव हजारीबाग जिले के कृषि प्रधान क्षेत्र बड़कागांव प्रखंड में प्याज का उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभाई है. इससे किसानों को आर्थिक आमदनी हो रही हैं. यहां के ताजा प्याज हर दिन बड़कागांव के डेली मार्केट से अन्य जिलों में निर्यात किया जा रहा है. किसान प्याज उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहे हैं. इस बाजार में छोटे बड़े व्यापारी आकर प्याज को खरीद कर दूसरे जिले एवं राज्य में ऊंचे दाम पर बिक्री करते हैं. सफल कृषक प्रवीण कुमार, गन्दोरी महतो, सांढ के हरिलाल महतो, मनोहर प्रसाद, कांडतरी के मुरारी महतो, धर्मनाथ कुमार का कहना है कि बड़कागांव प्रखंड के हर किसान 10 से 20 कट्ठा में प्याज की खेती किये हैं. इससे प्रतीत होता है कि पूरे प्रखंड में कुल लगभग 500 एकड़ भूमि में प्याज लगाया गया है. प्याज की कीमत में आई कमी 2 माह पूर्व प्याज 25 से 30 प्रति किलो बिक्री हो रही थी. लेकिन प्याज का अधिक उत्पादन होने से प्याज के कीमत में गिरावट आई है.बड़कागांव के बाजारों में 10 से 15 प्रति किलो प्याज की बिक्री हो रही है. इन गांवों में प्याज की हुई खेती प्रखंड के किसानों के अनुसार बड़कागांव सांढ़-छपेरवा 30 एकड़ पश्चिमी पंचायत में 25 एकड़, पूर्वी पंचायत में 26 एकड़, काँड़तरी पंचायत में 60 एकड़ हरली में 40 एकड़, नयाटाडा पंचायत में 30 एक इ. तलसवार पंचायत में 40 एकड़, आँगो पंचायत में 15 एकड़, चोपदार बलिया में 10 एकड़ नापोकला पंचायत में 20 एकड़ बादम पंचायत में 25 गोंदलपुरा पंचायत में 30 एकड़, महगाईकलां पंचायत में 10 एकड़, चन्दोल पंचायत में 10 एकड़ सिंदवारी पंचायत में 5 एकड़ सीकरी पंचायत में 15 एकड़, अन्य गांव में प्याज की खेती अधिक हुई है. ई पोर्टल की मांग बड़कागांव के जेबीकेएसएस के सक्रिय नेता सफल किसान नकुल महतो प्रवीण कुमार ने कहा है कि प्रखंड में प्याज का उत्पादन अधिक हुआ है. इसके लिए सरकार को किसानों के लिए ईपोर्टल की व्यवस्था की जानी चाहिए. जिससे किसानों को सुविधा मिल सके. सिंदवारी एवं चेपाकला पंचायत में प्याज का उत्पादन घटा बड़कागांव के कृषि प्रधान क्षेत्र सिंदवारी पंचायत चेपा कला पंचायत में इस वर्ष प्याज उत्पादन में कमी आयी है क्योंकि वहां के उपजाऊ भूमि कोल माइंस एरिया में चले जाने के कारण खेती नहीं हो पायी. किसानों के आंखों में आंसू छलक रहा है. किसानों ने मांग की है कि कृषि प्रधान क्षेत्र में कोल माइंस नहीं बनाया जाये.
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