हजारीबाग. ग्राम पंचायतों की समस्याओं को समझने एवं उनके समाधान की संभावनाएं तलाशने के लिए विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक के विद्यार्थी दो महीने का समय पंचायतों को देंगे. रविवार को कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय को झारखंड सरकार से दिशा निर्देश प्राप्त हुए हैं. झारखंड सरकार की झारखंड ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप योजना को विश्वविद्यालय द्वारा लागू किया जायेगा. योजना के अंतर्गत स्थानीय समस्याओं के समाधान, नवाचार आधारित परियोजनाओं तथा सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों में विद्यार्थी सक्रिय सहभागिता निभायेंगे. समाज विज्ञान संकाय की संकाय अध्यक्ष डॉ रेणु बोस ने बताया कि इस संबंध में हाल ही में रांची स्थित नेपाल हाउस सचिवालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गयी थी, जहां योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त हुई. डॉ रेणु कुलपति द्वारा मनोनीत विश्वविद्यालय प्रतिनिधि के रूप में बैठक में शामिल हुई थीं. डॉ रेणु ने बताया कि कार्यक्रम के अंतर्गत विश्वविद्यालय को अपने क्षेत्राधिकार की निश्चित पंचायतों का दायित्व लेना होगा. साथ ही प्रत्येक वर्ष निश्चित संख्या में छात्रों का चयन विश्वविद्यालय प्रशिक्षु के रूप में किया जायेगा. हर पंचायत के लिए चार विद्यार्थियों का एक दल गठित किया जायेगा. यह दल ग्रीष्म या सत्रांत अवकाश के दौरान दो महीने तक पंचायत में लचीले ढंग से कार्य करेगा. सफल विद्यार्थियों को दो माह की क्रेडिट आधारित सशुल्क इंटर्नशिप का अवसर मिलेगा. इससे एक ओर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा, वहीं उनकी कौशल क्षमता का भी विकास होगा.
पंचायतों की समस्याओं पर काम करेंगे विभावि के विद्यार्थी
विभावि में झारखंड ग्रासरूट इनोवेशन इंटर्नशिप योजना लागू होगी : कुलपति
