हजारीबाग : शहर में सेप्टिक टैंक साफ-सफाई करनेवाली एक कंबैक मशीन पर आश्रित है नगर निगम क्षेत्र के लोग. नगर निगम के पास सेप्टिक टैंक साफ करनेवाली दो मशीन में से एक मशीन पिछले चार साल से खराब है. एक मशीन के सहारे ही निगम के 32 वार्ड के लोग सफाई के लिए निर्भर रहते हैं. नगर निगम द्वारा पिछले दो माह में करीब करोड़ों रुपये के कई वाहन खरीदे गये. लेकिन शहरवासियों की जरूरत वाली कंबैक मशीन पिछले एक दशक से नहीं खरीदी गयी है. न ही खराब मशीन को बनाया गया है. इसके कारण शहरवासियों को अपना सेप्टिक टैंक साफ कराने के लिए काफी दिनों तक इंतजार करना पड़ता है.
चालू कंबैक मशीन भी भगवान भरोसे चल रहा है. जानकारों के अनुसार यह मशीन भी बीच-बीच में खराब होते रहती है. समय पर सर्विसिंग व मरम्मत नहीं होने के कारण इसका काम करने का पावर भी कम हो गया है. इससे अब 60-70 फीट पाइप से मलवा निकालने के बजाय मात्र 40 फीट दूरी से ही सेप्टिक टैंक साफ हो पाता है. ऐसे में कैसेबन पायेगा देश का सुंदर शहर हजारीबाग.
क्या है सफाई शुल्क
नगर निगम क्षेत्र में सेप्टिक टैंक सफाई करने के लिए 1200 रुपये शुल्क नगर निगम लेता है. राशि लेने के बाद कंबैक मशीन घर जाकर सेप्टिक टैंक की सफाई करती है. यदि किसी व्यक्ति को नगर निगम क्षेत्र से बाहर ले जाना होगा तो उसके लिए अलग दर निर्धारित है. उसके लिए 1200 रुपये के अलावा प्रति किलोमीटर की दूरी पर 100 रुपये का अतिरिक्त शुल्क भुगतान करना पड़ेगा.
25 हजार होल्डिंगधारी
नगर निगम क्षेत्र के 32 वार्डों में करीब 25 हजार होल्डिंगधारी हैं. इसकी जनसंख्या करीब दो लाख है. स्वच्छ भारत अभियान के तहत सभी घरों में शौचालय का निर्माण किया जाना है. इस प्रकार निगम क्षेत्र में 25 हजार घरों में सेप्टिक टैंक बन गया. अब सेप्टिक टैंक सफाई करने के लिए निगम के पास मात्र एक कंबैक मशीन उपलब्ध है. इससे सफाई कार्य कैसे पूरा होगा.
