दारू : जाको राखे साइया मार सके न कोई.. यह चरितार्थ तब साबित हुआ है बेड़म पंचायत के चोचा गांव में रहनेवाले बबलू मरांडी के साथ. बताया जाता है कि 30 फीट गहरे कुएं में डूब कर मवेशी को बचाने के लिए वह जैसे ही कुएं उतरा, पूरा कुआं ही धंस गया. कुआं धंसने से मवेशी के साथ बबलू भी मिट्टी के अंदर दब गया. इधर, ग्रामीणों बबलू और मवेशी को निकाल पाने का साधन नहीं जुटा पाये, लिहाजा उन्हें उनकी किस्मत पर छोड़ दिया.
लेकिन 10-15 मिनट बाद अचानक मानो जैसे चमत्कार हुआ. मिट्टी में दबा बेसुध बबलू अपने-आप मिट्टी से उपर आ गया. हालांकि उसके शरीर पर काफी चोट लगी थी और वह गंभीर रूप से घायल था. फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि मवेशी मिट्टी में ही दफन हो गया. मवेशी अब तक मलवे में ही दबा है. घटना चोचा गांव में गुरुवार को घटी.
