टाटीझरिया. एनएच-522 के चौड़ीकरण के लिए किये जा रहे भूमि अधिग्रहण में उचित मुआवजा नहीं मिलने को लेकर टाटीझरिया, होलंग, दूधमटिया के स्थानीय रैयतों ने रविवार को बाबा बालकनाथ मंदिर में बैठक की. अध्यक्षता प्रेमचंद गुप्ता ने की. बैठक में उपस्थित भू-स्वामियों ने कहा कि फोरलेन के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन का मुआवजा वर्तमान व्यावसायिक क्षमता यानी कॉमर्शियल पोटेंशियल के आधार पर नहीं दिया जा रहा है. नाराज रैयतों ने कहा कि प्रशासन रेवेन्यू वैल्यू के पुराने मापदंडों के अनुसार मुआवजा तय कर रहा है, जबकि एनएच-522 के किनारे स्थित सभी भूखंड पूरी तरह से व्यावसायिक महत्व के हैं. उनका भुगतान भी उसी श्रेणी के अनुसार होना चाहिए. रैयतों ने कहा कि सड़क किनारे बने मकानों और दुकानों की जांच में भारी अनियमितता बरती गयी है. प्रशासन सही ढंग से भौतिक सत्यापन किये बिना ही मनमाने तरीके से मुआवजे की राशि तय कर रहा है, जो न्यायसंगत नहीं है. अधिकारी खाली प्लॉट और निर्मित मकान वाली जमीन का मुआवजा एक समान ही निर्धारित कर रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि प्रशासन अपनी नीति में सुधार कर उचित मुआवजा नहीं देता है, तो रैयत उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे. बैठक में महादेव यादव, महेंद्र इंदिवर, महादेव महतो, लालमन महतो, बलदेव महतो, मंगर महतो, प्रेमचंद महतो, अरविंद कुमार, खीरो महतो, जोगेंद्र कुमार, भेखलाल महतो, प्रकाश कुमार महतो, मुकेश कुमार, बबलू यादव, प्रकाश गुप्ता, झुनझुन गुप्ता, जितेंद्र साव, डोमन साव, जगदीश यादव, अमित गुप्ता, भुवनेश्वर महतो सहित काफी संख्या में रैयत शामिल थे.
खाली प्लॉट और निर्मित मकान का एक समान मुआवजा देने का विरोध
एनएच-522 चौड़ीकरण में भूमि अधिग्रहण का मामला
