बड़कागांव : बड़कागांव की छावनियां नदी का पुल दो साल से बन रहा है. बाजार, ब्लॉक, कॉलेज, बैंक जाने के लिए नदी पार करना पड़ता है. बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे लोगों की परेशानियां भी बढ़ जाती हैं. बरसात के मौसम में छावनियां, सिरमा, पगार, पड़रिया, खैरातरी समेत दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो जाते हैं. इन गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह से खत्म हो जाता है. लोग बीमार पड़ते हैं, तो इलाज कराना मुश्किल हो जाता है. कई बार लोगों की जान तक चली जाती है. ज्ञात हो कि लोगों को परेशानी से निजात दिलाने के लिए नदी पर पुल बनाने का काम वर्ष 2014 में शुरू हुआ.
दो साल में तीन पाया, दो एप्रोच पथ ही बन पाये हैं. काम की गति इतनी धीमी है कि इसे पूरा होने में अभी और कई साल लग जायेंगे. पुल के नहीं बनने से बुढ़वा महादेव, डूमारो जल प्रपात, गुफाएं, राजा दलेल सिंह का किला आदि पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंचने में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
बारिश में दर्जनों गांव टापू में हो जाते हैं तब्दील
टापू बन जाते हैं ये गांव छावनियां, सिरमा, पगार, पड़रिया, खैरातरी समेत दर्जनों गांव
बड़ी समस्या कोई बीमार पड़ जाये, तो अस्पताल पहुंचाना मुश्किल, कई बार चली जाती है जान बुढ़वा महादेव, डूमारो जल प्रपात, गुफाएं, राजा दलेल सिंह का किला जैसे पर्यटन क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल
