औषधीय पौधों की जानकारी लेने केंद्र पहुंच रहे हैं सैलानी

हजारीबाग : शहर से 10 किमी दूर भूमि संरक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र डेमोटांड़ 150 एकड़ भूमि में फैला हुआ है. केंद्र में स्वास्थ्य वर्धक पौधे के बागान लहलहा रहे हैं. केंद्र में कई तरह के औषधीय पौधे हैं. वहीं मसाले के पौधे से भी केंद्र सुगंधित हो रहा है. केंद्र में प्रतिदिन सैलानी आते […]

हजारीबाग : शहर से 10 किमी दूर भूमि संरक्षण अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र डेमोटांड़ 150 एकड़ भूमि में फैला हुआ है. केंद्र में स्वास्थ्य वर्धक पौधे के बागान लहलहा रहे हैं. केंद्र में कई तरह के औषधीय पौधे हैं. वहीं मसाले के पौधे से भी केंद्र सुगंधित हो रहा है. केंद्र में प्रतिदिन सैलानी आते हैं और इन औषधीय पौधों को देख नयी जानकारी इकट्ठा करते हैं.

यहां औषधि व मसाले का उत्पादन बढ़ाने के लिए झारखंड के कृषकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन पौधों के गुणों की जानकारी विशेषज्ञ प्रशिक्षण के दौरान किसानों को देते हैं, ताकि किसान भी इन औषधीय व मसालेदार पौधों को अपने खेतों में लगा आमदनी प्राप्त कर सकें.

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