दनुआं-भलुआ घाटी की पांच किलोमीटर सड़क निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी से हो रहे हैं हादसे

हजारीबाग : हजारीबाग के चौपारण दनुआं-भलुआ जंगल स्थित जीटी रोड एनएच-दो के निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से पिछले 16 साल में सैकड़ों लोगों की असामयिक मौत हुई है. दनुआं-भलुआ जंगल में इस घाटी मे बनी सड़क की लंबाई करीब पांच किमी है. दनुआं भलुआ घाटी में एनएच का निर्माण इस तरह है कि […]

हजारीबाग : हजारीबाग के चौपारण दनुआं-भलुआ जंगल स्थित जीटी रोड एनएच-दो के निर्माण में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से पिछले 16 साल में सैकड़ों लोगों की असामयिक मौत हुई है. दनुआं-भलुआ जंगल में इस घाटी मे बनी सड़क की लंबाई करीब पांच किमी है.

दनुआं भलुआ घाटी में एनएच का निर्माण इस तरह है कि कोई वाहन को न्यूट्रल कर छोड़ दे तो कुछ ही देर में वाहन की गति 80 से 90 किमी प्रति घंटा तक पहुंच जायेगी. साथ ही सड़क के तीखे मोड़ पर वाहन चालक को सुरक्षित घाटी से निकालना नामुमकिन बना देता है. ऐसे में इस घाटी से अपरिचित वाहन चालक इसके शिकार लगातार होते रहते हैं.

पिछले दो माह में 30 बड़ी सड़क दुर्घटनाएं चौपारण थाना क्षेत्र में दर्ज की गयी है. इसके अलावा छोटी मोटी 25 दुर्घटनाएं घट चुकी है. एनएचएआइ ने भी रोड सेफ्टी विभाग को सड़क दुर्घटनाओं की पूरी जानकारी उपलब्ध करायी है.

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