हजारीबाग : बिजली विभाग के लाइनमैन आउटसोर्सिंग कंपनी को सात माह से ढूंढ रहे हैं. करीब 100 लाइनमैन को फरवरी से मानेदय नहीं मिला है. आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से 40 बिजली लाइनमैन को शहरी और 60 लाइनमैन को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रखा गया है. अब हाल यह है कि दुर्गापूजा का पर्व सामने है, लेकिन बकाया नहीं मिलने के कारण इनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है. काम करनेवाले सभी लाइनमैन खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं.
बिजली मजदूरों ने की बैठक: आउटसोर्सिंग कंपनी के टॉप्स ग्रुप के बिजली मजदूरों की बैठक गुरुवार को मिशन सब-स्टेशन प्रांगण में हुई. बैठक में कहा गया कि आउटसोर्सिंग कंपनी का हजारीबाग में कोई कार्यालय नहीं है. कंपनी दिल्ली की है. छह माह पहले आउटसोर्सिंग कंपनी के एक कर्मी बिजली मिस्त्री की अनुपस्थिति की रिपोर्ट लेने आती थी, लेकिन अब कोई अता-पता नहीं है. किनके सामने अपनी बात रखें, समझ में नहीं आ रहा है. बिजली मिस्त्रियों ने मौखिक सूचना झारखंड विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों को कई बार दी है.
बिजली विभाग के अधिकारी मजदूरों को यह कह कर पल्ला झाड़ लेते हैं कि आप लोग टॉप्स ग्रुप के कर्मी हैं. हम कुछ भी नहीं कह सकते हैं. बिजली मजदूरों ने हताश होकर 12 अक्तूबर से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. बैठक में नंदकिशोर कुमार, मधेश्वर प्रसाद, दिलीप प्रसाद, पिंटू कुमार वर्मा, भीम कुमार गुप्ता, वीरेंद्र कुमार सिंह, अशोक कुमार मधुकर, सतीश कुमार, रामप्रसाद, अमृत साव, नवल किशोर साव, दशरथ साव, नर्सिंग सोनी, रोहित सोनी, वसीम अकरम, सैफ अख्तर, शशिकांत वर्मा, रामसेवक साव आदि मौजूद थे.
