हजारीबाग : हजारीबाग के ड्राइ फ्रूट व्यवसायी नरेश महेश्वरी के परिवार के छह सदस्यों की रहस्यमय मौत के अनुसंधान में हर दिन नये खुलासे हो रहे हैं. 15 जुलाई को शहर के खजांची तालाब रोड स्थित शुभम अपार्टमेंट में एक ही परिवार के छह सदस्यों की मौत की जांच कर रही एसआइटी टीम हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं पर साक्ष्य जुटाने में लगी है. फ्लैट से दो पंखा खोलनेवाले बिजली मिस्त्री अजीत सिंह से सदर इंस्पेक्टर अवधेश सिंह ने दूसरी बार पूछताछ की.
नोटबंदी भी अनुसंधान में शामिल : महेश्वरी परिवार के छह सदस्यों के मौत में नोटबंदी के कारण को भी अनुसंधान में शामिल किया गया है. एसआइटी जांच दल के सदस्य ने बताया कि नोट बंदी के समय महेश्वरी परिवार के कारोबार का भी खाका तैयार किया जायेगा. जांच में नये सवाल में नोटबंदी को रखा गया है. नरेश महेश्वरी का कारोबारियों से नोटबंदी को लेकर कोई लेन देन हुआ है. इसका भी साक्ष्य जुटाया जायेगा.
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल हजारीबाग पहुंचा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार के निर्देश पर तीन सदस्यीय कमेटी सोमवार को हजारीबाग पहुंचा. प्रदेश कोषाध्यक्ष गोपाल साहू, पूर्व जिलाध्यक्ष रामगढ़ बलजीत सिंह बेदी, ओबीसी प्रदेश अध्यक्ष अविलाश साहू शामिल थे. कांग्रेस कार्यालय में दो मिनट का मौन रखकर महेश्वरी परिवार को श्रद्धाजंलि दी गयी. इसके बाद घटना स्थल शुभम अपार्टमेंट गये. वहां के लोगों से मुलाकात किया. महेश्वरी परिवार के अन्य परिजनों से मिले.
गोपाल साहू ने कहा कि झारखंड राज्य में कानून नाम का कोई चीज नहीं है. सरकार इस हत्या की गुथी अभी तक सुलझा नहीं सकी है. महेश्वरी परिवार काफी सरीफ इंसान और मानवता के मिशाल थे. उनके हत्यारों को पुलिस शीघ्र पकडे. कांग्रेस जिलाध्यक्ष देवकुमार राज कुशवाहा, जवाहर लाल सिन्हा, जमाल अहमद, राजेंद्र सिंह, विनोद सिंह, साजिद हुसैन, रामलखन सिंह समेत कई कांग्रेसी नेता शामिल थे.
