गुमला: सिसई प्रखंड के नगर जामपानी गांव में इंजेक्शन लगने के कुछ ही सेकेंड बाद बेहोश होकर दम तोड़ने वाले शिवप्रसाद साहू की मौत के मामले में पुलिस ने उसके बड़े भाई सह झामुमो नेता जगदीश साहू का फर्द बयान दर्ज किया है. सोमवार सुबह सदर अस्पताल गुमला के शवगृह के पास बरामदे में गुमला थाना पुलिस ने बयान दर्ज किया. इसके बाद आवश्यक कार्रवाई के लिए इसे सिसई थाना भेज दिया गया.
जगदीश साहू ने बयान में आरोप लगाया है कि 20 सितंबर की शाम करीब पांच बजे उनका छोटा भाई शिवप्रसाद साहू गांव के तेजू लोहरा के साथ खुजली की दवा लेने नगर जामपानी स्थित कथित झोलाछाप डॉ जितेंद्र मुंडा के पास गया था. वहां तेजू लोहरा को नस में इंजेक्शन दिया गया.
इसके बाद शिवप्रसाद ने भी खुजली की शिकायत बतायी, तो उसे भी इंजेक्शन लगाया गया. जगदीश साहू के अनुसार, घटना के बाद तेजू ने मोबाइल से परिजनों को सूचना दी. परिजन मौके पर पहुंचे, तो शिवप्रसाद चेंबर में बेहोशी की हालत में पड़ा था. आरोप है कि डॉक्टर ने परिजनों से कहा कि करीब आधे घंटे में उसे होश आ जायेगा.
इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए सिसई ले गये, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया. बाद में शव सदर अस्पताल गुमला लाया गया. जगदीश साहू ने पुलिस को दिये बयान में डॉ जितेंद्र मुंडा द्वारा इलाज के दौरान कथित तौर पर गलत इंजेक्शन देने को भाई की मौत का कारण बताते हुए कार्रवाई की मांग की है. इधर, सोमवार को सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका. शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स, रांची रेफर कर दिया गया.
