डुमरी. प्रखंड सरहुल पूजा समिति डुमरी की ओर से विश्व आदिवासी दिवस डुमरी प्रखंड में मनाया गया. सर्वप्रथम पुजार बैगा बीरबल व समाज की महिला अगुवा सुखमनी देवी की अगुवाई में सरना स्थल पर पूजा पाठ व सामूहिक प्रार्थना की गयी. सरना पूजा स्थल पर बुजुर्ग अकलू भगत ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस हर साल नौ अगस्त को मनाया जाता है. यह दिन दुनिया भर के आदिवासी समुदायों की पहचान, संस्कृति, अधिकारों और उनके अस्तित्व को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है. समिति के सलाहकार जगरनाथ भगत ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग विश्व के 90 देशों में फैले हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र महासभा ने नौ अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के रूप में मान्यता दी थी. इस दिन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विश्व के आदिवासी समुदायों को समान अधिकार, सम्मान, और संरक्षण मिले. इस विश्व आदिवासी दिवस का मुख्य उद्देश्य आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा करना है. मौके पर सामूहिक नाच-गान किया गया. मौके पर बीरेंद्र भगत, अजय उरांव, सुरेंद्र उरांव, रविशंकर भगत, शंकर भगत, प्रीतेश भगत, बेला देवी, अनुराधा देवी, दिल कुमारी देवी, सविता कुमारी, एतवारी देवी, सुमति देवी, जसिंता देवी, लौंगी देवी, सरिता कुमारी, अन्नपूर्णा देवी, शशिकला देवी, हीरामुनी देवी, बंधन भगत, सुरेश भगत आदि मौजूद थे.
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