डुमरी. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत खेतली पंचायत के अस्ता गांव के ग्रामीण पिछले छह माह से बिजली के अभाव में रात अंधेरे में जीवन व्यतीत करने को मजबूर हैं. गांव में लगा 25 केवी का ट्रांसफाॅर्मर पिछले वर्ष अगस्त महीने में जल गया था, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा अब तक उसकी मरम्मत नहीं करायी गयी है. ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए जनता दरबार में भी आवेदन दिया, लेकिन वह केवल आवेदन लेने तक ही सीमित रह गया. बिजली नहीं रहने से गांव के किसानों की खेतीबारी और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर सीधा असर पड़ रहा है. ग्रामीण सोमरा कोरवा, अभिषेक तिग्गा, जेवियर एक्का, डेविड तिग्गा, जागेश्वर कवर, नवीन कवर, हेलेना खलखो, निर्मला मिंज, श्रीमुनी बाई और एलिजाबेथ कुजूर समेत अन्य लोगों ने बताया कि ट्रांसफाॅर्मर से अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया था. इसके बाद वह पूरी तरह खराब हो गया और लगभग छह माह से गांव में बिजली आपूर्ति ठप है. बिजली नहीं रहने से किसानों को सब्जी समेत अन्य फसलों की सिंचाई करने में परेशानी हो रही है. वर्तमान में गर्मी के मौसम में फसलों को अधिक पानी की जरूरत होती है, लेकिन बिजली के अभाव में पटवन नहीं हो पा रहा है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव जंगल क्षेत्र में होने के कारण जंगली जानवरों, विशेषकर हाथियों का खतरा बना रहता है. ऐसे में बिजली नहीं होने से रात के समय डर और परेशानी और बढ़ जाती है. बिजली विभाग और जनता दरबार में आवेदन देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप मिंज को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंप कर जल्द से जल्द गांव में बिजली सेवा बहाल कराने की मांग की है. प्रदीप मिंज ने ग्रामीणों को उनकी समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया है.
ट्रांसफाॅर्मर जलने अस्ता गांव अंधेरे में, खेती व पढ़ाई पर असर
जनता दरबार में आवेदन के बावजूद नहीं हुई मरम्मत
