हिंडालको अधिकारियों के साथ बैठक, ग्रामीणों को सात दिन में सड़क निर्माण का आश्वासन

हिंडालको अधिकारियों ने ग्रामीणों को सात दिनों के भीतर सड़क निर्माण का आश्वासन दिया है. इसके बावजूद, बॉक्साइट खनन क्षेत्र के ग्रामीण तीसरे दिन भी अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं. उनकी मुख्य मांगें पूरी न होने तक परिवहन बंद रखने की चेतावनी है.

घाघरा. बॉक्साइट खनन क्षेत्र के ग्रामीणों का आंदोलन तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा. हजारों की संख्या में आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे. तंबू में बैठकर ग्रामीणों ने खाना बनाया और खाया. रात में भी लोग आंदोलन स्थल पर ही सो रहे हैं. महिलाओं को रात में घर भेज दिया जाता है और सुबह होते ही वे फिर आंदोलन स्थल पर पहुंच जाती हैं.

आंदोलन के पहले दिन रात में सीओ खाखा सुशील कुमार व थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह आंदोलन स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन, आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. इसके बाद सीओ ने बताया कि आंदोलनकारियों में से सात लोगों को उपायुक्त ने कार्यालय बुलाया है. इसके बाद मंगलवार को आंदोलनकारियों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त कार्यालय पहुंचा. वहां हिंडालको के जीएम व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे.

ग्रामीणों की मांग पर अधिकारियों ने दिया आश्वासन

ग्रामीणों ने इटकिरी से सेरेंगदाग तक कालीकरण सड़क, एंबुलेंस की समुचित व्यवस्था, विद्यार्थियों के प्रखंड मुख्यालय जाकर पढ़ाई करने के लिए बस की व्यवस्था, पुरानी बसों को हटाकर नयी बस देने और कुजाम पाठ के 51 मजदूरों को दोबारा काम पर रखने की मांग की. इसके अलावा क्षेत्र में बिजली, पानी, स्वास्थ्य व शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग रखी.

ग्रामीणों की मांग पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सात दिनों के अंदर कालीकरण सड़क का काम शुरू हो जायेगा. साथ ही माइंस क्षेत्र के सभी गांवों तक पहुंचने के लिए पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जायेगा. अधिकारियों ने ग्रामीणों को अन्य मांगों पर भी काम शुरू करने का आश्वासन दिया.

इस पर आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक काम शुरू नहीं होता है, तब तक सेरेंगदाग माइंस से बॉक्साइट का परिवहन बंद रहेगा. यदि सात दिनों के अंदर काम शुरू नहीं हुआ, तो सेरेंगदाग के अलावा बिमरला, कुजाम सहित सभी बॉक्साइट खनन क्षेत्रों से निकलने वाले बॉक्साइट ट्रकों को मुख्य मार्ग पर रोक दिया जायेगा.

आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक क्षेत्र में विकास कार्य शुरू नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें आश्वासन तो मिला है, लेकिन अधिकारियों की बातों पर विश्वास नहीं है. उन्होंने कहा कि अब हिंडालको से आर-पार की लड़ाई होगी.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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