भरनो में करम पूर्व संध्या पर गूंजे मांदर, 21 पड़हा के खोड़हा दलों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुति

भरनो प्रखंड में करम पूर्व संध्या का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें 21 पड़हा के खोड़हा दलों ने पारंपरिक लोकगीत और नृत्य से समा बांधा. इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया और आदिवासी संस्कृति की सराहना की.

भरनो: प्रखंड के प्लस टू हाईस्कूल मैदान में 21 पड़हा भरनो एवं करम पूर्व संध्या संचालन समिति के तत्वावधान में करम पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा नेता सह पूर्व आइपीएस डॉ अरुण उरांव, जिप अध्यक्ष किरण बाड़ा, नगड़ी प्रमुख सह सीपीएम नेता मधुवा कच्छप, भरनो प्रमुख पारसनाथ उरांव सहित सभी पंचायत के मुखिया मौजूद रहे. कार्यक्रम में प्रखंड की सभी पंचायतों से पाहन, पुजार, महतो सहित दर्जनों खोड़हा दलों के साथ समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए. सभी खोड़हा दलों ने ढोल-मांदर के साथ अपनी-अपनी लोकगीत एवं नृत्य प्रस्तुति दी.

डॉ अरुण उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज के लोग किसी के मोहताज नहीं हैं. हमारी माताओं, बहनों और बेटियों ने आदिवासी समाज को जिंदा रखा है. नहीं तो हमारे पुरुष वर्ग ने समाज को पीछे ले जाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने आदिवासीयत को बचाये रखा. आज के युवा उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं.

मधुवा कच्छप ने कहा कि प्रकृति पर कर्मा हम सबों को अपनी भाषा, संस्कृति एवं प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है. उन्होंने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री सहित कई विधायक और सांसद विराजमान हैं. फिर क्यों राज्य के आदिवासी विलख रहे हैं. इसे समझना होगा.

कार्यक्रम को सफल बनाने में मुखिया सुकेश उरांव, लधुवा उरांव, एतवा उरांव, जुगल उरांव, शनि उरांव, बिरसा उरांव, चंद्रदेव उरांव सहित अन्य सदस्यों ने मुख्य भूमिका निभायी.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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