गुमला. सात साल से लापता संजीता कुमारी मामले की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिख रही है. मानव तस्करी और बच्ची को बेचने के आरोपों के बीच पुलिस मुख्य आरोपी भुखली उरांव उर्फ भुखली लकड़ा का नार्को टेस्ट कराने की तैयारी में है. इसके लिए पुलिस ने अदालत से अनुमति मांगी है. हालांकि, अदालत ने आरोपी की उम्र 72 वर्ष होने का हवाला देते हुए पहले मेडिकल रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है. मंगलवार को कोर्ट ने मेडिकल जांच कराने का आदेश दिया, जिसके बाद बुधवार को भुखली उरांव का मेडिकल कराया जायेगा. माना जा रहा है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही अदालत नार्को टेस्ट पर अंतिम फैसला लेगी. पुलिस को उम्मीद है कि नार्को जांच से सात साल से गायब बच्ची के संबंध में कई अहम राज सामने आ सकते हैं.
2020 में दर्ज हुई थी प्राथमिकी
मामले की शुरुआत तब हुई थी, जब खोरा जामटोली निवासी चंद्रमुनी उरांव ने गुमला थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि गांव की ही महिला भुखली उरांव उसकी नाबालिग बेटी को पढ़ाई और काम दिलाने का झांसा देकर अपने साथ ले गयी थी. इसके बाद बच्ची वापस नहीं लौटी. पीड़िता की मां का आरोप था कि जब वह बेटी को वापस लाने गयीं तो उनके साथ मारपीट की गयी और धमकी देकर भगा दिया गया. बाद में छह फरवरी 2020 को एएचटीयू गुमला थाना में मामला दर्ज किया गया, लेकिन वर्षों तक जांच ठंडी पड़ी रही.
हाईकोर्ट की फटकार के बाद हरकत में आयी पुलिस
झारखंड हाईकोर्ट में दायर हेबियस कॉर्पस याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाये थे. न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति अरुण कुमार रॉय की खंडपीठ ने पूछा था कि आखिर सात साल बाद भी बच्ची का कोई सुराग क्यों नहीं मिला. हाईकोर्ट की सख्ती के बाद गुमला पुलिस ने मामले में तेजी दिखायी और संजीता की तलाश अभियान शुरू किया.
सूचना देने वालों के लिए दो लाख का इनाम
मामले में प्रगति लाने के लिए पुलिस ने संजीता के बारे में सूचना देने वालों के लिए दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है. इसके बाद गुमला समेत आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी और पूछताछ जारी है. पुलिस रोजाना कई संदिग्धों को थाना बुला कर पूछताछ कर रही है और दावा किया जा रहा है कि जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है.
