आरोपी महिला को आजीवन कारावास, 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगा

एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने पांच साल पुराने हत्या मामले में सुनाया फैसला

गुमला. एडीजे-वन प्रेम शंकर की अदालत ने पांच साल पुराने हत्या मामले में फैसला सुनाते हुए धोधरा टंगराटोली निवासी सुनीता उरांव को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. अदालत ने 20 मई को उसे दोषी करार दिया था, जिसके बाद सजा की बिंदुओं पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को उम्रकैद का फैसला सुनाया गया. उम्रकैद के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त छह माह की सजा भुगतनी होगी. सरकार की ओर से लोक अभियोजक अजय रजक ने पैरवी की. मामला वर्ष 2021 में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना से जुड़ा है, जिसमें गांव की महिला बिरसमुनी देवी की बेरहमी से हमला कर नस काट दी गयी थी. इलाज के दौरान दो दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद उसकी मौत हो गयी थी. मृतका के भतीजे सुशील खड़िया ने थाना में दर्ज बयान में बताया था कि 19 नवंबर 2021 की शाम करीब सात बजे वह अपने परिवार के साथ घर में पूजा-पाठ कर रहा था, तभी गांव की गली से शोर-शराबा और बच्चों के रोने की आवाज सुनायी दी. आवाज सुन कर जब वह बाहर निकला और अपने चाचा गंदूर उरांव के घर की ओर दौड़ा, तो घर के पीछे बिरसमुनी देवी खून से लथपथ हालत में पड़ी मिली. गंभीर रूप से घायल बिरसमुनी देवी ने बताया था कि सुनीता उरांव ने उसके साथ मारपीट की और धारदार हथियार से उसकी नस काट दी. इसके बाद ग्रामीणों की मदद से सदर अस्पताल गुमला ले जाया गया, जहां उसका इलाज चला. अस्पताल से वह घर लौटी, फिर मौत हो गयी थी.

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