गुमला : रुगड़ा बेचकर जोड़े थे कॉलेज में दाखिले के पैसे, एडमिशन से एक दिन पहले चोरी, थाना पहुंच फूट-फूटकर रो पड़ी छात्रा

गुमला में कॉलेज दाखिले के लिए पुटू बेचकर जमा किए गए 3500 रुपये चोरी हो गए. छात्रा थाने में फूट-फूटकर रो पड़ी, पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

गुमला : सपनों की कीमत कभी-कभी इतनी बड़ी होती है कि उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष की हर सीमा पार करनी पड़ती है. गुमला के टोटो गांव की रहने वाली सलोनी कुमारी ने भी अपने उच्च शिक्षा के सपने को पूरा करने के लिए यही रास्ता चुना था. इंटर प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के बाद वह रांची स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में बीए में नामांकन की तैयारी कर रही थी. प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने के लिए उसे पैसों की जरूरत थी. इसलिए वह पिछले चार दिनों से गुमला के पटेल चौक पर जंगल से लाया गया पुटू (रुगड़ा) बेच रही थी.

कुल 3500 रुपये की हुई चोरी

सलोनी ने दिन-रात की मेहनत से 3500 रुपये जमा किये थे. यही उसकी नामांकन फीस और अन्य खर्च के लिए एकमात्र सहारा था. उसे शुक्रवार 10 जुलाई, को रांची जाकर नामांकन कराना था. लेकिन किस्मत ने ऐन वक्त पर ऐसा झटका दिया कि उसकी सारी मेहनत पलभर में बिखर गयी. गुरुवार को वह रोज की तरह पटेल चौक पर पुटू बेच रही थी. इसी दौरान एक युवक ने मौका पाकर उसके पास रखे 3500 रुपये चोरी कर लिए. जब उसे रुपये गायब होने का पता चला तो वह बदहवास हो गयी.

सदर थाने में दर्ज हुई शिकायत

रोते-बिलखते वह सीधे सदर थाना पहुंची और फूट-फूटकर रोते हुए कहने लगी. कल मेरा नामांकन है. मैंने पुटू बेचकर बड़ी मुश्किल से ये पैसे जोड़े थे. अब मैं पढ़ाई कैसे करूं. नामांकन कैसे होगा. थाने में मौजूद लोगों की आंखें भी छात्रा की व्यथा सुनकर नम हो गयी. सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और प्रारंभिक जांच के आधार पर पटेल चौक के समीप रहने वाले एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और चोरी की गयी राशि बरामद करने का प्रयास कर रही है.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >