कामडारा. प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में स्थित विद्यालयों में मध्याह्न भोजन (एमडीएम) व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गयी है. रसोइया व संयोजिकाओं की हड़ताल पर चले जाने के बाद स्कूलों में पठन-पाठन भी चरमरा गया है. हालात यह हैं कि कहीं शिक्षक, तो कहीं स्कूली बच्चे खुद खाना बनाते नजर आ रहे हैं, जबकि कुछ विद्यालयों में भोजन वितरण पूरी तरह बंद है. प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय कामडारा में पाकशाला का निरीक्षण करने पर दो छोटी बच्चियां खाना बनाती हुई मिलीं. वहीं राजकीय मध्य विद्यालय रेडवा में पाकशाला के बाहर ताला लटका पाया गया. विद्यार्थियों ने बताया कि विद्यालय में कई दिनों से मध्याह्न भोजन नहीं मिल रहा है. इस संबंध में विद्यालय के शिक्षक रंजन दास गुड़िया से पूछे जाने पर उन्होंने स्वयं के अकेले होने की बात कहकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया. राजकीय उत्क्रमित उवि कोंसा में शिक्षक और छात्र मिल कर भोजन बनाते दिखे. उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय बानपुर में विद्यालय का दरवाजा बंद मिला और वहां कोई शिक्षक उपस्थित नहीं था. शिक्षक लुढू खड़िया से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी. मध्याह्न भोजन की स्थिति को लेकर बीपीओ लाल चंद्रशेखर नाथ शाहदेव ने बताया कि रसोइयों की हड़ताल से सभी विद्यालयों में भोजन बनाने की समस्या उत्पन्न हो गयी है. उन्होंने विद्यालय बंद रहने और शिक्षकों की अनुपस्थिति के मामले में स्पष्टीकरण देने की बात कही है.
कहीं शिक्षक, तो कहीं बच्चे बना रहे खाना
रसोइयों की हड़ताल से कामडारा प्रखंड में एमडीएम ठप, कई विद्यालयों में लगा ताला
