गुमला की रायडीह पुलिस को मिली कामयाबी, डकैती की करने से पहले धरा गए 6 अपराधी

Gumla News: गुमला के रायडीह थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डकैती की योजना बना रहे छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से देशी कट्टा, जिंदा गोली और मोबाइल बरामद किए हैं. एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Gumla News: झारखंड के गुमला जिले के रायडीह थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने डकैती की एक बड़ी घटना को होने से पहले ही विफल कर दिया. गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा गोली और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं.

बारी में योजना बना रहे थे अपराधी

मामले की जानकारी चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल ने रायडीह थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. उन्होंने बताया कि 22 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी रायडीह थाना क्षेत्र के जमगाई गांव में देवलाल खड़िया के घर के पीछे स्थित बारी में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं.

थाना प्रभारी के नेतृत्व में बनी विशेष टीम

सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों के निर्देश पर रायडीह थाना प्रभारी संदीप कुमार यादव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया. पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर छापेमारी अभियान शुरू किया. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने देवलाल खड़िया के घर के पीछे स्थित बारी से चार अपराधियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वर्मा सिंह, देवलाल खड़िया, अनिल साहु और रितेश दास के रूप में हुई है. सभी आरोपी अलग-अलग गांवों के रहने वाले हैं और लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे हैं.

तलाशी में मिला देशी कट्टा और जिंदा गोली

पुलिस ने जब आरोपियों की तलाशी ली तो अनिल साहु के कमर से एक देशी कट्टा बरामद हुआ. इसके अलावा उसके पॉकेट से एक जिंदा गोली और दो मोबाइल फोन भी मिले. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे सभी मिलकर डकैती की बड़ी योजना बना रहे थे. गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को बताया कि इस घटना में तीन अन्य लोग भी शामिल होने वाले थे. इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर दो अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार कर लिया. इनकी पहचान सीताराम दास और उमेश मांझी के रूप में हुई है. हालांकि इस मामले में एक अन्य आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है.

छह आरोपियों को भेजा जाएगा जेल

पुलिस ने गिरफ्तार सभी छह आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल ने कहा कि रायडीह पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ी आपराधिक घटना को समय रहते रोक लिया गया. उन्होंने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.

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पुलिस टीम की सराहना

इस कार्रवाई में रायडीह थाना पुलिस की भूमिका अहम रही. अभियान में थाना प्रभारी संदीप कुमार यादव, एसआई विनय कुमार साव, एएसआई धनंजय सिंह और रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आम लोगों से भी अपील की जा रही है कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. पुलिस और जनता के सहयोग से ही अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है. रायडीह पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है. स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की तत्परता की सराहना की है.

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Published by: KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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